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फरीदाबाद: थाना पल्ला फरीदाबाद के वर्ष 2019 के एक मामले में 24 वर्षीय एक महिला का अपहरण कर उसकी हत्या करने पर पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर आरोपी अंबिका भगत, मनीष उर्फ मोनू व मधु तिवारी को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, फरीदाबाद श्री पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने 13 फरवरी 2026 को अभियुक्त को उम्रकैद व जुर्माना की सजा का फैसला सुनाया है।
माननीय अदालत ने अभियुक्त अंबिका भगत, मनीष उर्फ मोनू व मधु तिवारी को 302 IPC की धारा के अंतर्गत उम्र कैद व 1 लाख जुर्माना, 364 IPC की धारा में उम्रकैद व 50 हजार जुर्माना, धारा 201 IPC के तहत 3 साल कैद व 10 हजार जुर्माना तथा 120(B) IPC के तहत उम्र कैद व 25 हजार जुर्माना की सजा सुनाई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ईस्माईलपुर फरीदाबाद वासी एक व्यक्ति ने पुलिस चौकी नवीन नगर में उसकी पत्नी को आरोपियों द्वारा छुपाने की सूचना दी थी, जिस पर थाना पल्ला फरीदाबाद में 7 मार्च 2019 को संबंधित धारा के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। अनुसंधान के दौरान 10 मार्च 2019 को अंबिका भगत वासी गांव प्रसागढ़ बाजार जिला छपरा बिहार, मनीष उर्फ मोनू वासी गांव न्युनारा जिला बेमितरा छत्तीसगढ तथा मनीष उर्फ मोनू की मां मधु तिवारी को गिरफ्तार किया गया। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने महिला की हत्या करके शव को मोल्डबंद एक्सटेंशन दिल्ली में किराए के मकान में बने एक सेफ्टी टेंक में फेंक दिया। जहां से महिला का शव बरामद किया गया।
उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। अभियोग में धारा 302, 201, 365 व 120(B) आईपीसी की धारा जोड़ी गई। अनुसंधान के दौरान तकनीकी सहायता के आधार पर साक्ष्य प्राप्त किए गए तथा 27 मई 2019 को आरोपीयों के खिलाफ चालान अदालत में दिया गया।
केस के विचारण के दौरान 27 गवाहों की गवाही हुई। पुलिस ने मामले की पेरवी के लिए अभियोजन पक्ष के सरकारी अधिवक्ता डॉक्टर रेखा DDA का सहयोग किया। जिस पर डॉक्टर रेखा DDA द्वारा माननीय न्यायालय के सम्मुख ठोस तथ्य पेश किये गये, जिस पर माननीय अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त अंबिका भगत, मनीष उर्फ मोनू व मधु तिवारी को दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुनाया है।

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