फरीदाबाद के थाना भूपानी इलाके स्थित कावरा मोड के पास एक ऑटो और बाइक में भिड़ंत हो गई। इस हादसे में बीए फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट की मौत हो गई। हादसे के बाद बीके अस्पताल में शव को एंबुलेंस से उतारने के लिए कोई कर्मचारी नही मिला। जिसके चलते शव करीब डेढ़ घंटे तक एम्बुलेंस में पड़ा रहा। इससे एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ गई है। मृतक पवन ने नेहरू कॉलेज में हाल में ही प्रधान का चुनाव जीता था।
पुलिस कर्मचारी प्रदीप कुमार SPO ने बताया कि गांव कावरा निवासी 20 वर्षीय मृतक पवन शाम के समय अपनी बाइक से जिम से घर लौट रहा था। कावरा मोट पर एक ऑटो ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को एम्बुलेंस में रखवाकर बीके अस्पताल पहुंची।
लेकिन अस्पताल में उनको शव उतारकर मोर्चरी में रखने के लिए कोई कर्मचारी नहीं मिला। जिस कारण करीब डेढ़ घंटे तक शव को एम्बुलेंस में ही रखना पड़ा। जिसके बाद एक कर्मचारी के आने पर शव को उतारकर रखा गया।
मृतक पवन तीन बहनों का एकलौता भाई था। वह एक नेहरू कॉलेज में BA फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट था। उसके पिता दुबई में नौकरी करते हैं। पवन रोजाना की तरह जिम से वापस लौट रहा था। इस घटना के सुनने के बाद न केवल पवन के दोस्त अस्पताल पहुंच गए और उनकी तीनों बहनें माता और अन्य रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए।
मृतक पवन के दोस्त निखिल ने बताया कि हादसे के समय भी पवन सड़क पर काफी देर तक पड़ रहा लोग सड़क पर पड़े पवन को आते- जाते देखते रहे, लेकिन समय रहते उसको किसी की मदद नहीं मिली। यदि उसे समय रहते मदद मिल जाती तो शायद पवन की जान बच सकती थी ।

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