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जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में गोल्डन जुबली एलुमनी मीट 'संगम-2026’ का आयोजन 12 फरवरी को

Posted by : pramod goyal on : Tuesday, 10 February 2026 0 comments
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 फरीदाबाद10 फरवरी — जे.सीबो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयवाईएमसीएफरीदाबा के एलुमनी अफेयर्स सेल द्वारा ‘गोल्डन जुबली एलुमनी मीट’ का भव्य आयोजन किया जा रहा हैजिसका शीर्षक ‘संगम-2026’ है। यह पुनर्मिलन समारोह 12 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में होगा।

कार्यक्रम के बारे में जानकारी दे

ते
 हुए प्रोमुनीश वशिष्ठ (डीइंस्टीट्यूशनऔर प्रोसंजी गोयल (डीनएलुमनाई अफेयर्सने बताया कि यह आयोजन पूर्ववर्ती वाईएमसीए इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग के 1972-76 बैच के 50 वर्ष पूरे होने का अवसर है। इस बैच में कुल 113 छात्र थे।  बैच के सदस्य अब 70 वर्ष से धिक आयु के है और इनमें से लगभग 70-80 प्रतिशत ने उद्यमिता और व्यवसाय के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस बैच के 15 सदस्य अब दुनिया में नहीं है।
इस बैच के कई सदस्यों ने ऐसे सफ उद्यम स्थापित किए हैंजिन्होंने भारत की औद्योगिक एवं आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें प्रमुख कंपनियों के नाम हैं — भारती एंटरप्राइजेजफुजी जेमको प्रालि., हिंद हाइड्रॉलिक्सवेलोसिटी ट्रांसमिशन्सरचिटेकहैप्पी फोर्जिंगकैरी मोरबीजी2इंडिया। ये सफलताएँ संस्थान में निहित उद्यमी भावनातकनीकी उत्कृष्टता और अटूट दृढ़ता का जीवंत प्रमाण हैं। संगम-2026’ कार्यक्रम में बैच के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र श्री राकेश भारती मित्तलउपाध्यक्षभारती एंटरप्राइजे सहित विभिन्न क्षेत्रों के अन्य वरिष्ठ कॉर्पोरेट लीडर्स और पूर्व छात्र उपस्थित रहेंगे।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोराजीव कुमार समारोह को संबोधित करेंगे तथा विश्वविद्यालय के भविष्य के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को साझा करेंगेजिनमें शैक्षणिक उन्नयनलड़कों का नया छात्रावासनए उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापनातथा संस्थान को ‘राष्ट्रीय महत्व का संस्थान’ बनाने की रूपरेखा शामिल होगी। उनका संबोधन उपस्थित सभी में गर्व और नई प्रतिबद्धता जगाएगा।
संगम-2026 पुरानी यादोंभावुक पुनर्मिलन और नई प्रेरणा का हृदयस्पर्शी मेलजोल होगा। इसमें विश्वविद्यालय के उत्साही छात्र क्लबों द्वारा जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, 1972-76 काल के पूर्व शिक्षकों से आत्मीय मुलाकातेंतथा परिसर का भ्रमण शामिल होगाजिसमें पूर्व छात्र अपने पुराने संस्थान को एक साधारण इंस्टीट्यूट से आधुनिक एवं विस्तृत विश्वविद्यालय के रूप में बदलते देख सकेंगे।
बैच की स्मृतियोंचित्रोंरोचक किस्सों और उपलब्धियों से सजी एक विशेष स्मृति पुस्तिका सभी के लिए अमूल्य स्मृति बनेगी। भारती छात्रवृत्ति प्राप्त छात्रों को श्री राकेश भारती मित्तल से मिलने-बातचीत का विशेष अवसर प्राप्त होगा। पूर्व छात्र अपने व्यक्तिगत सफरउपलब्धियों और प्रि स्मृतियों को साझा करते हुए प्रेरक भाषण देंगे। साथ हीउन शिक्षकों एवं कर्मचारियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगीजिन्होंने उनके जीवन-निर्माण में योगदान दिया। संगम-2026 संस्थान की विरासत का उत्सव है जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

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