HEADLINES


More

बिजली संशोधन बिल व ठेका कर्मियों को पक्का करने को लेकर बिजली कर्मी 12 को करेंगे हड़ताल : सुभाष लांबा

Posted by : pramod goyal on : Wednesday, 4 February 2026 0 comments
pramod goyal
Saved under : , ,
//# Adsense Code Here #//

 फरीदाबाद,4 फरवरी।


बिजली वितरण प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने के लिए बजट सत्र के दूसरे हाफ में संसद में पेश किए जाने वाले बिजली संशोधन बिल और न्यूक्लियर एनर्जी कानून (शांति) व लेबर कोड्स के खिलाफ तथा माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के 31 दिसंबर,2025 के फैसले को लागू करते हुए ठेका कर्मियों को पक्का करने व आनलाइन ट्रांसफर पालिसी पर रोक लगाने आदि मांगों को लेकर प्रदेश के बिजली कर्मचारी 12 फरवरी को हड़ताल करेंगे। यह ऐलान हड़ताल की तैयारियों को लेकर बल्लभगढ़ डिवीजन, सर्कल आफिस और हरियाणा विधुत प्रसारण निगम के डिवीजन आफिस पर की गई गेट मीटिंग व प्रदर्शन को संबोधित करते हुए इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने किया। ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी ने कहा कि आदर्श ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी के खिलाफ, पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण पर रोक लगाने आदि मांगों को लेकर फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी व नारनौल जिलों के बिजली कर्मचारी 5 फरवरी को डीएचबीवीएन के दिल्ली जोन के गुरुग्राम कैंप आफिस पर सांकेतिक भूख हड़ताल करेंगे। गेट मीटिंग में केंद्रीय कमेटी के सदस्य एवं सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान करतार सिंह,सर्कल सचिव कृष्ण कुमार,राम चरण,यूनिट कमेटी के पदाधिकारी दिगंबर सिंह,भूप सिंह,सुरेन्द्र शर्मा,गिरीश, सुबोध कुमार,वेद प्रकाश कर्दम, सुरेन्द्र खटकड़, दिनेश शर्मा, असरफ खान,श्याम सुंदर आदि शामिल थे।

इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार बजट सत्र के दूसरे हाफ में बिजली संशोधन बिल को संसद में पेश करने जा रही है। इसका मकसद बिजली वितरण प्रणाली में समानांतर लाइसेंसिंग व्यवस्था स्थापित करना है।  अर्थात बिजली वितरण निगमों के साथ निजी क्षेत्र की भी लाइसेंस दिए जाएंगे। निजी कंपनियों को कंज्यूम चुनने का अधिकार होगा, सब्सिडी व क्रॉस सब्सिडी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए कंज्यूमर को बिजली आपूर्ति करना सेवा है और निजी क्षेत्र के लिए बिजनेस है। उन्होंने कहा कि निजी लाइसेंस धारक औद्योगिक क्षेत्र और नॉन घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करेंगे और सरकारी वितरण निगम किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और डमोस्टिक कंज्यूमर को बिजली आपूर्ति करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। जिसके कारण सरकारी वितरण निगम 6 महीने भी खड़ी नहीं रह पाएंगी। क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र व कामर्शियल कंज्यूमर निजी कंपनियों में शिफ्ट हो जाएंगे। इसलिए कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी होगी। उन्होंने कहा कि सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी खत्म होने के बाद बिजली की दरें बढ़ेंगी और बिजली गरीब व किसान की पहुंच से बाहर हो जाएगी। इसलिए यह बिल कर्मचारी, निगम, गरीब व किसान के खिलाफ है। इसलिए बिजली कर्मचारी 12 फरवरी को हड़ताल करके इस बिल का विरोध करेंगे।



No comments :

Leave a Reply