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· महाराष्ट्र मित्र मण्डल ने टाउन पार्क में आयोजित किया भव्य हल्दी-कुमकुम समारोह

Posted by : pramod goyal on : Monday, 26 January 2026 0 comments
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 महाराष्ट्र मित्र मण्डल द्वारा दिनांक 25 जनवरी 2026 को सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क में पारंपरिक हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ की गई, जिससे उपस्थित सभी लोगों में देशभक्ति और सामाजिक एकता की भावना का संचार हुआ।

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विवाहित महिलाओं ने एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम का टीका लगाकरतिल से बनी मिठाइयाँ व


लड्डू खिलाकर तथा घरेलू उपयोग की वस्तुएँ भेंट कर परंपराओं का निर्वहन किया। महिलाओं ने पारंपरिक रूप से तील गुल घ्यागोड़ गोड़ बोला” कहकर एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं और आपसी सौहार्द एवं भाईचारे का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने हल्दी-कुमकुम परंपरा के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहले यह परंपरा मुख्य रूप से महाराष्ट्रगुजरातराजस्थान और गोवा तक सीमित थीलेकिन आज यह देशभर में लोकप्रिय हो चुकी है। इतिहासकारों के अनुसारहल्दी-कुमकुम मनाने की परंपरा की शुरुआत पेशवा साम्राज्य के समय हुई थी। उस काल में जब पुरुष युद्ध के लिए बाहर जाते थे और वर्षों तक घर नहीं लौट पाते थेतब महिलाएँ हल्दी-कुमकुम के बहाने एक-दूसरे से मिलती थींसामाजिक संबंधों को मजबूत करती थीं और सुख-दुख साझा करती थीं।

इस अवसर पर महिलाओं के लिए सांस्कृतिक वातावरणआपसी संवाद और सामाजिक एकजुटता देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल परंपराओं को जीवित रखना थाबल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना भी रहा।

कार्यक्रम में विशेष रूप से मुंबई से आए शांति पांचाल एवं सुरेश पांचाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही मंडल की सक्रिय सदस्यों में ज्योति पांचालकिरण पांचालपल्लवी पांचालयशोदा पांचालसुनिधि बजाजपौर्णिमा पांचालरुपाली राठोडसुरेखा भारद्वाजरेखाबबितानिशा शिंदेराधिकाशिल्पासंजीवनी एवं सुरेखा राठोड उपस्थित रहीं।

इसके अतिरिक्त मंडल के अध्यक्ष राजेन्द्र पांचाल सहित प्रवीन राठोडयशवंत पांचाललक्ष्मण पांचालरविन्द्र पांचालओम प्रकाश शिंदेविनय पांचालश्रीकांत चासकर एवं मंडल के सभी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के समापन पर मंडल द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया गया।

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