हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम
को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान वोट मांगने के आरोप से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। यह राहत पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल और खेल मंत्री गौरव गौतम से जुड़े मामलों में दी गई है।
इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खेल मंत्री गौरव गौतम की 7-11 की अपील को खारिज कर दिया था, जिससे उन्हें झटका लगा था। खेल मंत्री पर विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान धर्म के नाम पर वोट मांगने के आरोप हैं, जिसे लेकर पिछले एक साल से कोर्ट में मामला चल रहा है। मंत्री की ओर से इस केस को रद्द कराने के लिए अपील दायर की गई थी।
खेल मंत्री गौरव गौतम के खिलाफ कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने अक्टूबर 2024 में हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव के बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि गौरव गौतम ने विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान जनसभा में धर्म के नाम पर वोट मांगकर भ्रष्ट आचरण किया।
पूर्व मंत्री दलाल की याचिका में आरोप है कि गौतम ने चुनावी समर्थन हासिल करने के इरादे से अपने चुनाव अभियान को धार्मिक भावनाओं से जोड़कर और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर वोट मांगे हैं।
मामले में हाईकोर्ट ने मंत्री को नोटिस भेजकर मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने गौरव गौतम को 14 दिसंबर 2024 को नोटिस भेजा था। इस नोटिस का जवाब मंत्री को 6 जनवरी 2025 तक दाखिल करना था। हालांकि, मंत्री गौरव गौतम ने नोटिस का जवाब नहीं दिया था।
इसके बाद जस्टिस अर्चना पुरी की कोर्ट में एडवोकेट मोहन जैन ने दलील दी कि गौरव गौतम हाईकोर्ट के नियमों के खंड-20 (C) के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना लिखित बयान दाखिल करने में विफल रहे हैं।
पूर्व मंत्री के वकील ने कहा कि अब मंत्री का बचाव बंद कर दिया जाना चाहिए। मामले पर गौर करते हुए जस्टिस पुरी ने गौतम को अगली सुनवाई से पहले अपना लिखित बयान दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया है।

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