फरीदाबाद में साइबर ठगों ने टेलीग्राम ऐप के जरिए एक डॉक्टर को निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाकर 41 लाख 50 हजार रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने 40 से 60 फीसदी तक रिटर्न देने का लालच दिया और ऑनलाइन ट्रेडिंग खाते में करीब डेढ़ करोड़ रुपए का फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा जीत लिया।
बाद में मुनाफा निकालने के नाम पर 20 फीसदी कमीशन बताकर डॉक्टर से करीब 30 लाख रुपए और जमा करा लिए, लेकिन एक भी रुपया वापस नहीं किया गया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना एनआईटी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-49 हाउसिंग बोर्ड सोसाइटी निवासी डॉक्टर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 25 अगस्त से 25 नवंबर के बीच दो अलग-अलग टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से उनसे संपर्क किया गया। उन्हें एक निवेश ग्रुप में जोड़ा गया, जहां ग्रुप एडमिन ‘केली’ ने ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफे का झांसा दिया। ग्रुप में शामिल अन्य सदस्य लगातार अपने मुनाफे के स्क्रीनशॉट और संदेश साझा करते थे, जिससे डॉक्टर को निवेश सुरक्षित लगने लगा।
कुछ समय बाद डॉक्टर ने निवेश की इच्छा जताई तो ठगों ने एक यूआरएल लिंक भेजकर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर खाता खुलवाया। शुरुआत में 5,000 रुपए जमा कराए गए और फिर लाभ बढ़ाने के नाम पर धीरे-धीरे रकम बढ़वाई गई। ठगों ने समीर और समीर गुप्ता नाम के व्यक्तियों के जरिए व्यक्तिगत ट्रेडिंग गाइडेंस देने का दावा किया और हर सत्र में 40 से 60 फीसदी मुनाफा होने की बात कही।
डॉक्टर ने बताया कि 6 दिसंबर को उनसे 2.50 लाख रुपए जमा कराए गए, लेकिन कुछ समय बाद खाते में बैलेंस शून्य दिखने लगा। जब इस पर सवाल किया गया तो ठगों ने कहा कि तकनीकी कारणों से बैलेंस अस्थायी रूप से शून्य दिख रहा है। इसके बाद 12 दिसंबर को 5 लाख रुपए और जमा कराए गए। 10 दिसंबर को ऑनलाइन खाते में 1 करोड़ 57 लाख 53 हजार रुपए का बैलेंस दिखाया गया, जिससे डॉक्टर को लगा कि उन्हें बड़ा मुनाफा हुआ है।
जब डॉक्टर ने यह रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने कहा कि प्रॉफिट निकालने के लिए 20 फीसदी कमीशन देना होगा। इस बहाने 24 दिसंबर को डॉक्टर से 30 लाख 50 हजार रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। इसके बाद भी कोई भुगतान नहीं हुआ और ठग लगातार बहाने बनाते रहे। तब डॉक्टर को ठगी का एहसास हुआ।
पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर साइबर थाना एनआईटी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टेलीग्राम चैनलों, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और बैंक खातों की जांच की जा रही है। ठगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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