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मांगों की अनदेखी से नाराज़ आशा वर्कर्स 12 फरवरी को करेंगी हड़ताल, दिया नोटिस: सुधा

Posted by : pramod goyal on : Tuesday, 20 January 2026 0 comments
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 फरीदाबाद,20 जनवरी।


आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा (सीटू) के बेनर तले मंगलवार को सीएमओ आफिस पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान हेमलता ने की और संचालन सचिव सुधा ने किया। प्रदर्शन में सरकार व विभाग द्वारा मांगों की अनदेखी के खिलाफ 12 फरवरी की राष्ट्रीय आम हड़ताल में बढ़-चढ़कर शामिल होने का ऐलान किया गया। मंगलवार को राष्ट्रीय आम हड़ताल का नोटिस सीएमओ की गैर मौजूदगी में पीएमओ को दिया गया। सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर ने आशा वर्कर्स की मांगों और आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया।

जिला सचिव सुधा ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी में आशाओं की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए WHO ने आशाओं को ग्लोबल हेल्थ लीडर के अवार्ड से सम्मानित किया है। परंतु केंद्र और राज्य सरकार आशा वर्कर्स के महत्वपूर्ण कार्यों को अनदेखा कर रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से केंद्र सरकार द्वारा आशा वर्कर्स के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है । केंद्र और राज्य सरकार मिलकर आशा वर्कर के काम को बढ़ा रही है आशा वर्कर्स पर बिना संसाधन दिए और बिना प्रोत्साहन राशि दिए अनेक तरह के ऐप में ऑनलाइन काम करने का दबाव बना रही है। जिला प्रधान हेमलता ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बढ़ते कामों की वजह से तमाम आशा वर्कर्स परेशान है। पिछले 12 वर्ष से केंद्र सरकार ने आशाओं के इंसेंटिव बेस कार्यों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है आशा वर्कर्स लंबे समय से सरकार से प्रोत्साहन राशियों को बढ़ाने की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले बजट स्तर में केंद्र सरकार ने संसद में आशाओं की प्रोत्साहन राशियों में ₹1500 पर महीने बढ़ाने की घोषणा की है परंतु सरकार उसे घोषणा को लागू नहीं कर रही है प्रदेश की तमाम आशा वर्कर्स केंद्र और राज्य सरकार से मांग करती है कि तुरंत आशाओं की मांगों का समाधान किया जाए।

आशाओं की मुख्य मांगें निम्न हैं :-


वर्ष 2023 में 73 दिन की हड़ताल का बकाया मानदेय हरियाणा सरकार द्वारा तुरंत दिया जाए ।

आशा वर्कों को पक्का कर्मचारी बनाया जाए जब तक पक्का कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक 26000 रुपए न्यूनतम वेतन सहित तमाम सुरक्षा सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएं।

केंद्र सरकार द्वारा₹1500 की बढ़ोतरी की घोषणा को तुरंत लागू किया जाए।

आशाओं का रिटायरमेंट लाभ बढ़ाया जाए और आशा वर्कों को सरकारी बैंकों में बैंक लोन की सुविधा दी जाए।

सरकारी स्वास्थ्य के ढांचे को मजबूत किया जाए और एनएचएम को स्थाई बनाकर जनता को बेहतर सुविधाएं दी जाए ।

सभी तरह के ऑनलाइन अप में काम करने के लिए आशाओं को अलग से मानदेय और संसाधन उपलब्ध कराये जाए।

चार श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए ।

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