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जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल बैठक में 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए रूपरेखा तैयार की

Posted by : pramod goyal on : Wednesday, 14 January 2026 0 comments
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 फरीदाबाद 14 जनवरी ‌- जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल की बैठक आज ‌ बुधवार को एटक कार्यालय  ‌ नजदीक फावड़ा सिंह चौक एन आई टी ‌ नंबर एक   में हुई। इस बैठक में आगामी 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए रूपरेखा तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता कामरेड‌ ‌ हुकम चंद बेनीवाल प्रधान इंटक  ने की जबकि संचालन ‌ कन्वीनर वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने किया। बैठक


में इंटक के ‌कामरेड ‌ हुकम चंद बेनीवाल, एटक से ‌ कामरेड बेचू गिरी, ‌  आर एन सिंह ,कामरेड विशंभर सिंह सीटू के कामरेड निरंतर पाराशर,‌एच एम एस के ‌कामरेड ‌आर डी यादव 

‌ बैंक एम्पलाइज यूनियन के कृपाराम शर्मा,‌ सर्व कर्मचारी संघ के ‌ प्रधान करतार सिंह जागलान ‌   आईसी टी यू के कामरेड जवाहरलाल ‌ उपस्थित रहे। कन्वीनर ने बताया कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का‌ राष्ट्रीय सम्मेलन 9 जनवरी को दिल्ली में हुआ था। जिसमें ‌बताया गया। कि भारत सरकार  ‌ 29 श्रम कानूनों की जगह चार लेबर  कोड्स को  ‌‌ जबरन लागू करने पर  आमादा है।‌ इन ‌ श्रम संहिताओं को सरकार ने संसद में ‌ जबरदस्ती पास कराया। इसके विरोध में अब तक पांच बड़ी हड़तालें हो चुकी हैं। केंद्र सरकार ‌ जन सेवाओं के विभागों जैसे रेलवे ,‌ बंदरगाहों, कोयला खानों,‌ तेल, इस्पात, रक्षा, परिवहन, हवाई अड्डों, बैंक, बीमा, टेलीकॉम, परमाणु ऊर्जा, बिजली उत्पादन और आपूर्ति आदि को देशी  विदेशी  पूंजी पत्तियों को बेचने जा रही है।‌‌ जिसकी वजह से स्वदेशी औद्योगिक विकास और आत्म निर्भर अर्थव्यवस्था खतरे में पड़ रही है। केंद्र सरकार में 60 लाख कर्मचारियों के पद खाली पड़े हुए हैं। इन पर रेगुलर भर्ती नहीं हो रही है। नए पद सृजित नहीं किये जा रहे हैं।‌ कारखानों में ‌ ‌ स्थाई ‌श्रमिको की ‌ संख्या कम है। कई ‌ कारखाने में एक भी पक्का वर्कर नहीं है। जबकि  ठेकेदारों के ‌ श्रमिकों की संख्या अधिक है। इन श्रमिकों का शोषण होता है। क्योंकि इन्हें मालिक पक्के वर्करों के बराबर वेतन नहीं देता। इनको किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिलती है। जबकि काम पक्के मजदूरों की तरह ही करते हैं। सरकार चार श्रम संहिताओं को लागू करके ट्रेड यूनियन की भूमिका को समाप्त करना चाहती है। सरकार श्रम को धर्म कहकर और मजदूरों  के अधिकारों  को नहीं मानते हुए सरकार अपनी  जिम्मेदारी से हटना चाहती है। इन श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद मजदूर मालिकों का गुलाम हो जाएगा। इसलिए सभी ट्रेड ‌ यूनियनें मिलकर ‌ हड़ताल करेंगी। इसमें सूई से लेकर  हवाई जहाज का निर्माण करने वाले मजदूरों, और ‌ खेत मजदूरों,‌ किसानो, कर्मचारीयों,‌ छोटे व्यापारीयों, एवं नौजवान भी शामिल होंगे। इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए ‌‌ जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल ने प्रचार प्रसार तेज करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 27 जनवरी से लेकर लगातार प्रचार  अभियान चलाया जाएगा। कामरेड आर डी यादव और  श्री करतार सिंह जागलान जिला प्रधान ने बताया कि इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए कल ‌‌15 जनवरी को जींद में किसानों कर्मचारीयों और मजदूरों का ‌ सम्मेलन हो रहा है। इसमें फरीदाबाद से भी सैकड़ों लोग भाग लेंगे।

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