हरियाणा में डाक्टरों की चल रही हड़ताल के तीसरे दिन फरीदाबाद के बीके अस्पताल में बड़खल एसडीएम त्रिलोकचंद ने दौरा किया। जहां उन्होंने अस्पताल में काम कर रहे स्टाफ से काम को लेकर जानकारी ली। एसडीएम में ने कहा कि यहां पर दूसरे अस्पतालों से डॉक्टर की व्यवस्था की गई है। ताकि लोगों को परेशानी ना हो।
प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में अपनी मांगो को लेकर तीसरे दिन भी डॉक्टर हड़ताल पर है। सरकार और एसोसिएशन पदाधिकारियों के बीच वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (एसएमओ) की सीधी भर्ती रोकने पर सहमति बन गई है, लेकिन एश्योर्ड करियर प्रमोशन (एसीपी) पर पेंच फंसा हुआ है।
प्रदेश सरकार ने स्थिति को देखते हुए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लगाते हुए हड़ताल पर 6 महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही काम नहीं तो वेतन नहीं का आदेश जारी कर दिया है।
सरकार ने हड़ताल रोकने के लिए एस्मा लागू कर दिया है। गवर्नर ने धारा 4(क)(1) के तहत यह भी स्पष्ट किया है कि अगले 6 महीने तक स्वास्थ्य विभाग के सभी डॉक्टर और कर्मचारी किसी भी प्रकार की हड़ताल नहीं कर सकते।
एसडीएम त्रिलोक चंद ने कहा कि उनकी कोशिश है कि अस्पताल में आने वाले किसी भी मरीज को इलाज के लिए कोई परेशानी न उठानी पड़े। अगर अस्पताल में डॉक्टर कम पड़ रहे है तो बाहर से डॉक्टर बुलाए जा रहे है। हमारे जिले में 141 डॉक्टर है जिनमें से 36 डॉक्टर इस हड़ताल में भाग ले रहे है। बीके अस्पताल में 54 डॉक्टर है जो सेवाएं देते है जिनमें से 8 डॉक्टर हड़ताल पर है। हड़ताल के समय में निजी अस्पतालों से 16 डाक्टरों की डयूटी लगाई गई है। जिनको जरूरत के हिसाब से बुलाया जा रहा है।

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