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नशा और तंबाकू मुक्त हरियाणा - जेआरसी का पेटिंग से तंबाकू और नशा छोड़ने का संदेश

Posted by : pramod goyal on : Tuesday, 16 December 2025 0 comments
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 सराय ख्वाजा फरीदाबाद स्थित गवर्मेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के आदेशानुसार जूनियर रेडक्रॉस और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड सदस्य छात्र छात्राओं ने प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में तंबाकू मुक्त हरियाणा पर पेंटिंग द्वारा तंबाकू और ड्रग्स का प्रयोग न करने का संदेश दिया। विद्यालय में विद्यार्थियों की तंबाकू और नशा


छोड़ने के लिए बनाई गईं पेंटिंग्स की सराहना करते हुए जूनियर रेडक्रॉस और ब्रिगेड अधिकारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आह्वान पर तम्बाकू महामारी और इसके कारण होने वाली रोकी जा सकने वाली मृत्यु और बीमारी पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करने के लिए तम्बाकू मुक्त हरियाणा अभियान बारे जागरूकता लाने के लिए प्रयासरत है। इस का उद्देश्य तम्बाकू के उपयोग के व्यापक प्रसार और नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित करना है जो वर्तमान में भर में हर वर्ष आठ मिलियन से अधिक लोगों की मृत्यु का कारण बनता है जिसमें गैर धूम्रपान करने वालों के दूसरों के संपर्क में आने के कारण बारह लाख भी सम्मिलित हैं। तंबाकू मुक्त अभियान विश्व भर में सरकारों, सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठनों, धूम्रपान करने वालों, उत्पादकों और तंबाकू उद्योग से उत्साह और प्रतिरोध दोनों के साथ मिला है। प्राचार्य मनचंदा और स्वास्थ्य विभाग बी के चिकित्सालय से स्वास्थ्य अधिकारी अनुक्रम भाटी और ममता चौधरी ने कहा कि भारत तंबाकू का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता एवं उत्पादक देश है। विश्व स्तर पर तंबाकू के सेवन के कारण हर वर्ष लगभग अस्सी लाख लोगों की मृत्यु होती है। विश्वभर में धूम्रपान करने वाली महिलाओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रहा है। यद्यपि इस कारण से महिलाओं को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिसमें गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर और हृदय संबंधी रोग इत्यादि सम्मिलित है। ईसका उद्देश्य जागरूक करना, तंबाकू उत्पादों के उत्पादन और आपूर्ति को कम करना, कोप्टा के प्रावधानों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना इत्यादि। धूम्रपान करने से धमनियां कमजोर होने लगती हैं और कोरोनरी हार्ट डिजीज और स्ट्रोक हो सकता है। कुछ अध्ययनों में पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर बढ़े हार्ट अटैक के लिए धूम्रपान को भी एक संभावित कारक बताया गया है। इसके अतिरिक्त तम्बाकू के सेवन से कैंसर या फेफड़े की बीमारी भी हो सकती है। प्राचार्य मनचंदा, सोनिया जैन, सरिता, दीपांजलि, गीता, ममता, सुशीला सहित सभी सहयोगियों ने सभी विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को तंबाकू और अन्य नशे वाले उत्पादों से जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जे आर सी सदस्यों आरुषि, अमृता, निधि, यास्मीन, चंचल, समर, खुशी, चंचल, नायसा, वंदना, शिवानी, नंदिनी और प्रियंका द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स की प्रशंसा की।


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