फरीदाबाद में फैमिली आईडी जन्मतिथि गलत लिखी होने के कारण राजकुमार पिछले तीन महीनों से पेंशन के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहा था। दुर्घटना में दोनों पैर कट जाने के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ है, फिर भी कड़ी ठंड में वह अपनी पेंशन के लिए रोजाना दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर था।
राजकुमार का आरोप है कि जब भी वह लघु सचिवालय पहुंचता, उसे एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भेज दिया जाता। अधिकारियों द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज वह पहले ही जमा कर चुका था, लेकिन इसके बावजूद उसकी पेंशन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
राजकुमार ने बताया कि ठंड में नीचे जमीन पर बैठकर चलने के कारण उसका पूरा शरीर सुन्न हो जाता है, फिर भी वह उम्मीद में हर बार दफ्तर पहुंचता है। लेकिन तीन महीने से उसे केवल इधर-उधर भटकाया जा रहा था, जिसकी वजह से वह काफी परेशान था।
इस मामले पर जब परिवार पहचान पत्र ऑफिस के इंचार्ज नीरज शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि राजकुमार की फैमिली आईडी में जन्मतिथि गलत दर्ज थी। इसी वजह से उसकी पेंशन प्रक्रिया अटकी हुई थी।
नीरज शर्मा के अनुसार, जन्मतिथि सुधारने की रिक्वेस्ट राजकुमार स्वयं या किसी साइबर कैफे से भी डलवा सकता था, लेकिन जैसे ही वह फैमिली आईडी ऑफिस आया, उसे तुरंत प्राथमिकता दी गई। उसे कुर्सी पर बैठाकर उसकी समस्या सुनी गई और कंप्यूटर पर उसकी डेट ऑफ बर्थ सही करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

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