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फरीदाबाद,30 नवंबर।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंध स्कूल टीचर्स फे
डरेशन ऑफ इंडिया ने भारत सरकार से आरटीई अधिनियम 2009 में संशोधन हेतु संसद में मुद्दा उठाने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर को ज्ञापन सौंपा। यह जानकारी देते हुए अध्यापक संघ के जिला प्रधान मुकेश गर्ग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने सिविल अपील संख्या 1385 /2025 में दिनांक 1.9.2025 के अपने निर्णय में यह माना है कि दिनांक 23 .08.2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी शिक्षक पात्रता परीक्षा( टेट )उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। इससे पहले एनसीटीई ने ऐसे सभी शिक्षकों को टीईटी से पूरी छूट दी थी। उन्होंने बताया कि वर्तमान निर्णय के अनुसार अब सेवारत शिक्षकों के लिए जिनकी सेवा अवधि 5 वर्ष से अधिक शेष है एक निर्धारित अवधि के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना आवश्यक है अन्यथा उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है या पदोन्नति से वंचित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पूर्ण व्यापी रूप से एक नई योग्यता लागू करने से अत्यधिक कठिनाई ,मानसिक पीड़ा और नौकरी छूटने का डर पैदा हो रहा है इन वरिष्ठ शिक्षकों की सुरक्षा के लिए यदि आवश्यक हो तो सर्वोच्च न्यायालय में एक समीक्षा याचिका दायर करने के लिए सरकार अनुसरण करें जिला पलवल व फरीदाबाद में संयुक्त रूप से ज्ञापन दिया।
डरेशन ऑफ इंडिया ने भारत सरकार से आरटीई अधिनियम 2009 में संशोधन हेतु संसद में मुद्दा उठाने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर को ज्ञापन सौंपा। यह जानकारी देते हुए अध्यापक संघ के जिला प्रधान मुकेश गर्ग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने सिविल अपील संख्या 1385 /2025 में दिनांक 1.9.2025 के अपने निर्णय में यह माना है कि दिनांक 23 .08.2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी शिक्षक पात्रता परीक्षा( टेट )उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। इससे पहले एनसीटीई ने ऐसे सभी शिक्षकों को टीईटी से पूरी छूट दी थी। उन्होंने बताया कि वर्तमान निर्णय के अनुसार अब सेवारत शिक्षकों के लिए जिनकी सेवा अवधि 5 वर्ष से अधिक शेष है एक निर्धारित अवधि के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना आवश्यक है अन्यथा उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है या पदोन्नति से वंचित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पूर्ण व्यापी रूप से एक नई योग्यता लागू करने से अत्यधिक कठिनाई ,मानसिक पीड़ा और नौकरी छूटने का डर पैदा हो रहा है इन वरिष्ठ शिक्षकों की सुरक्षा के लिए यदि आवश्यक हो तो सर्वोच्च न्यायालय में एक समीक्षा याचिका दायर करने के लिए सरकार अनुसरण करें जिला पलवल व फरीदाबाद में संयुक्त रूप से ज्ञापन दिया।
इस मौके पर फरीदाबाद खंड प्रधान मायाराम नागर, खंड बल्लभगढ़ प्रधान उपकार फोगाट, संगठन सचिव युद्धवीर चाहर,सह सचिव विकास शर्मा ,पलवल जिला प्रधान थान सिंह शर्मा, जिला सचिव हुकमचंद, खंड हथीन सचिव सुनील कुमार, राजेश भारद्वाज, देवी राम, जिला सहसचिव सुभाष चंद्र, दिनेश, राजपाल महाबली, हरेंद्र अत्री व हरविंदर मौजूद रहे।

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