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फरीदाबाद, 13 नवंबर – जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के जे. सी. बोस विश्वविद्यालय, वाईएमसीए फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग ने दृश्य : द क्रिएटिव कैनवास क्लब के अंतर्गत तहत बुधवार को सी.वी. रमन ब्लॉक में 'डिज़ाइन सेंस' नामक मास्टर क्लास का आयोजन किया। इस मास्टर क्लास में विशेषज्ञ डॉ. नीरज सहाय ने डिज़ाइन, रचनात्मकता तथा दृश्य कहानी कहने (विज़ुअल स्टोरीटेलिंग)
के मूलभूत सिद्धांतों पर अपने अनुभव साझा किए। आकर्षक उदाहरणों और इंटरैक्टिव चर्चाओं के माध्यम से, डॉ. सहाय ने विजुअल कम्युनिकेशन विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए आधुनिक मीडिया में डिज़ाइन, धारणा (परसेप्शन) और संचार को कैसे प्रभावित करता है की महत्वपूर्ण जानकारी दी।इस सत्र में रंग सिद्धांत (कलर थ्योरी), टाइपोग्राफी, विज़ुअल पदानुक्रम (विज़ुअल हायरार्की), संयोजन संतुलन (कंपोजीशन बैलेंस) और डिज़ाइन तत्वों का मनोवैज्ञानिक प्रभाव जैसे विषयों को शामिल किया गया। छात्रों ने व्यावहारिक अभ्यासों (हैंड्स-ऑन एक्सरसाइजेस) और वास्तविक दुनिया के डिज़ाइन केस स्टडीज़ के माध्यम से वैचारिक विचारों को प्रभावी दृश्य परिणामों में कैसे बदलना है, यह भी सीखा।
मास्टर क्लास एवं दृश्य कोऑर्डिनेटर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सोनिया हूडा ने बताया कि 'डिज़ाइन सेंस' ने बीएससी विजुअल कम्युनिकेशन विद्यार्थियों के लिए अपनी कलात्मक धारणा को निखारने और दृश्य मीडिया परियोजनाओं के प्रति अपने रचनात्मक दृष्टिकोण को मजबूत करने के लिए एक प्रेरणादायक मंच के रूप में कार्य किया। उन्होंने रचनात्मक साक्षरता (क्रिएटिव लिटरेसी) के महत्व और दृश्य संचार पेशेवरों के लिए इसकी प्रासंगिकता पर जोर दिया।
मीडिया विभागाध्यक्ष, प्रो. पवन सिंह ने इस ज्ञानवर्धक मास्टर क्लास के आयोजन के लिए दृश्य: द क्रिएटिव कैनवास क्लब के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की मास्टर क्लास सैद्धांतिक शिक्षण और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच के अंतर को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। संचार एवं मीडिया क्षेत्र में रचनात्मकता और डिज़ाइन थिंकिंग के महत्व पर जोर देते हुए, प्रो. सिंह ने रेखांकित किया कि ऐसे इंटरैक्टिव सत्र छात्रों को विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने, उनकी वैचारिक समझ को मजबूत करने और डिज़ाइन के माध्यम से अपनी व्यक्तिगत पहचान को तलाशने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने अपनी विशेषज्ञता साझा करने के लिए डॉ. नीरज सहाय को भी धन्यवाद दिया और विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल नवोदित मीडिया पेशेवरों के बीच नवाचार और रचनात्मक उत्कृष्टता का पोषण करना जारी रखेगी।
मास्टर क्लास का समापन एक प्रभावशाली प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जहाँ छात्रों ने इस समृद्ध अनुभव और क्षेत्र के विशेषज्ञ से सीधे सीखने के अवसर के लिए अपनी सराहना व्यक्त की।

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