दिल्ली में लाल किले के पास कार धमाका करने वाले आतंकी डॉ. उमर उन नबी के नाम वाली इको स्पोर्ट्स कार (DL10CK-0458) की जांच में खुलासा हुआ है कि इससे विस्फोटक की ढुलाई की गई थी। कार की फोरेंसिक जांच में इसके सुराग मिले हैं।
यह कार 2 दिन से फरीदाबाद के खंदावली गांव में खड़ी है। दिल्ली से पहुंची NIA और NSG की टीमें बुधवार शाम से ही इसकी जांच कर रही हैं। पुलिस ने यहां कार खड़ी करने वाले फहीम को गिरफ्तार कर लिया है।
इधर, नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद को फर्जी तरीके से मान्यता का दावा करने के मामले में शो कॉज नोटिस जारी किया है। NAAC ने कहा कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी न तो NAAC से मान्यता प्राप्त है और न ही उसने साइकिल-1 के तहत किसी भी मान्यता के लिए आवेदन किया है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर गलत तरीके से यह उल्लेख किया गया है।
फहीम अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर ऑपरेटर और आतंकी डॉ. उमर का असिस्टेंट है। फहीम की बहन यहां रहती है, इसलिए वह मंगलवार रात कार यहां खड़ी कर चला गया। कार बरामदगी के बाद आसपास के घर खाली करा 200 मीटर का एरिया सील किया गया है।
वहीं, पुलिस ने फरीदाबाद से इस मॉड्यूल से जुड़ी तीसरी ब्रेजा कार को बरामद कर लिया है। यह बरामदगी अल-फलाह यूनिवर्सिटी के अंदर से हुई है। यह कार लेडी आतंकी डॉ. शाहीन के नाम पर बताई जा रही है। हरियाणा STF और NIA की टीम ने कार कब्जे में ली। इस मामले में पुलिस को चौथी स्विफ्ट डिजायर कार की तलाश है।
विस्फोटक बेचने के शक में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां गुरुवार सुबह से गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह के खाद डीलरों की दुकानें खंगाल रहे हैं। नूंह से एक खाद डीलर को हिरासत में लिया गया है।
वहीं, अल-फलाह यूनिवर्सिटी से डॉ. उमर और मुजम्मिल से जुड़ी डायरियां और डॉक्यूमेंट्स बरामद किए गए हैं। इनमें 'ऑपरेशन' जैसे शब्द से कोड वर्ड लिखे होने की बात सामने आ रही है।

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