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बिजली कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन,निजीकरण के खिलाफ लड़ रहे उप्र कर्मियों के साथ की एकजुटता प्रकट

Posted by : pramod goyal on : Friday, 28 November 2025 0 comments
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 फरीदाबाद



इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के आह्वान पर बृहस्पतिवार को बिजली कर्मचारियों ने उप्र सरकार द्वारा पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल निगम के निजीकरण के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया और पिछले एक साल से निजीकरण के फैसले के खिलाफ निरंतर आंदोलन कर रहे बिजली कर्मचारियों व इंजीनियर के साथ एकजुटता प्रकट की। बृहस्पतिवार को ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के बेनर तले बल्लभगढ़ डिवीजन, सेक्टर 6 ईदगाह पर बिजली कर्मचारियों ने उप्र सरकार के खिलाफ और आंदोलन की एकजुटता में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनिट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेन्द्र खटकड़ ने की और संचालन सचिव वेद प्रकाश कर्दम ने की। प्रदर्शन में इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान करतार सिंह,एएचपीसी वर्कर यूनियन के  सर्कल सचिव कृष्ण कुमार, यूनिट कमेटी के नेता रामकेश साहरण, प्रवेश बैंसला, आदि मौजूद थे।
इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उप्र सरकार ने 27 नवंबर,2024 को उप्र की दो प्रमुख डिस्काम पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल निगम को निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया था। इस फैसले के खिलाफ उप्र विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति पिछले एक साल से निरंतरता में संधर्ष कर रही है। जिसके कारण अभी तक सरकार निजीकरण करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि उप्र व निगम प्रबंधन ने निजीकरण करने के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेताओं का जमकर उत्पीड़न एवं दमन किया, लेकिन आंदोलन कमजोर होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार निजीकरण करने में सफल हुई तो 42 जिलों की बिजली वितरण प्रणाली निजी हाथों में चली जाएगी। जिससे बिजली की दरों में वृद्धि होगी और बिजली गरीब व  किसान की पहुंच से बाहर हो जाएगी। निजीकरण के फैसले के बाद बड़े पैमाने पर कर्मचारियों व इंजीनियर की छंटनी होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तमाम विरोधों को दरकिनार करते हुए बिजली अमेंडमेंट बिल को बजट सत्र में पास कर देश भर की बिजली वितरण प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने पर आमादा है। उन्होंने इस बिल को उपभोक्ता, किसान व कर्मचारियों के खिलाफ बताते हुए 30 जनवरी को संसद कूच का आह्वान किया।

प्रदर्शन में कर्मचारी नेता कृष्ण कुमार कालीरमन सर्कल सचिव, करतार सिंह जागलान जिला प्रधान एसकेएस एवं युनिट ओल्ड प्रधान, सुरेन्द्र खटकड़ वरिष्ठ उपप्रधान, वेदप्रकाश कर्दम, प्रवेश बैंसला सचिव, पंकज कुमार, नवीन रावत,सुनिल शर्मा, वेदप्रकाश शर्मा, छवि कांत शर्मा, पूरन शर्मा, नरेश कुमार, विनोद शर्मा, रिंकू सिंह, मयंक शर्मा आदि मौजूद थे।

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