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नशा मुक्त भारत अभियान के लिए 2500 से अधिक विद्यार्थियों ने ली शपथ

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 20 November 2025 0 comments
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 शिक्षा विभाग के आदेशानुसार सराय ख्वाजा फरीदाबाद स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा के मार्गदर्शन में नशा मुक्त अभियान के अंतर्गत जूनियर रेडक्रॉस और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड ने जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। विद्यालय की जे आर सी और एस जे ए बी अधिकारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने बताया कि नशा ऐसा रसायन होता है जिसे ग्रहण करने से किसी जीव की शरीरक्रिया या मनोदशा में विशेष परिवर्तन होता है। साधारण रूप से नशा ऐसे पदार्थों को समझा जाता है जिसे खाकर, पीकर, चूसकर, इंजेक्शन द्वारा, त्वचा पर लगाकर और अ


न्य रूपों से ग्रहण करने से स्वास्थ्य और मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है। नशे की लत से ग्रस्त होने से सामान्यतः एक या एक से ज़्यादा स्वास्थ्य समस्याएँ होती हैं जिनमें फेफड़े या हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर या मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ सम्मिलित हो सकती हैं 2500 से भी अधिक विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए प्राध्यापिका दीपांजलि ने कहा कि इमेजिंग स्कैन, छाती का एक्सरे और रक्त परीक्षण पूरे शरीर में लंबे समय तक नशीली दवाओं के सेवन के हानिकारक प्रभावों को दिखा सकते हैं। इन नशीले पदार्थों के सेवन से बेहोशी, विषाक्तता और मृत्यु, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक निर्भरता, मस्तिष्क, हृदय और यकृत जैसे महत्वपूर्ण अंगों को हानि, सीखने और स्मरण रखने में असमर्थता और अवसाद, मनोविकृति और गंभीर चिंता जैसी मनोवैज्ञानिक समस्याएं भी हो सकती हैं काउंसलिंग एवं उचित मार्गदर्शन तथा मनोवैज्ञानिक माध्यम से ड्रग्स छुड़ाने का उपचार किया जाता है। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को ड्रग मुक्त स्वस्थ समाज बनाने के लिए शपथ भी दिलाई, उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा ड्रग्स, नशा एवं धूम्रपान मुक्ति के लिए विशेष तथा नियमित रूप से सभी के लिए विशेषतः युवाओं के सतर्क रहने के लिए कहा जा रहा है अतः हम सभी को भी देश एवं समाज को ड्रग्स रूपी बुराई से पार पाना होगा। प्राचार्य मनचंदा और दीपांजलि ने कहा कि देश से ड्रग्स तथा नशा समाप्त करने का उद्देश्य लोगों को ड्रग्स एडिक्शन की बुरी आदत से छुटकारा दिलाना तथा शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभाव से बचाना है। प्राचार्य मनचंदा, निखिल, ज्योति, अध्यापिका गीता, सरिता, दीपांजलि, सुशीला और ममता सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने विद्यार्थियों को नशे के हानिकारक प्रभावों से सचेत किया।


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