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फरीदाबाद 8 सितंबर - भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी फरीदाबाद ने आज सोमवार को पिछले हफ्ते यमुना में आई भयंकर बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए आज उपायुक्त फरीदाबाद के नाम 10 सूत्री ज्ञापन उनके कार्यालय के अधीक्षक को सोंपा। प्रतिनिधि मंडल में जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल, जिला कमेटी के सदस्य शिवप्रसाद और निरंतर पाराशर शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हाल की बारिश में यमुना नदी में भयंकर बाढ़ आई। जिसके कारण यमुना न
दी के किनारे बसे हुए गांवों के लोगों की खड़ी फसल डूब गई, बसंतपुर गांव में अधिकांश लोगों के घर पानी में डूब गए। जिसमें जान माल का काफी नुकसान हुआ है।हमारी पार्टी ने मौके पर जाकर पीड़ित लोगों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि हमारी पार्टी लोगों के
घरों और खेतों में आए बाढ़ के पानी की जल्द निकासी और नुकसान की भरपाई करने और किसानों और मजदूरों को एकमुश्त तत्काल राहत देने की मांग करती है। कॉलोनीयों में सैकड़ों गरीब और दलित आबादी बड़ी संख्या में रहती है। उनके घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। फसलें तो बड़े इलाका में बर्बाद हो चुकी हैं। जिसमें धान, ज्वार, मक्का और सीजनल सब्जियां की फसल पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुकी है । जिले में दो दर्जन से अधिक गांव के किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसलिए पार्टी बाढ़ और बारिश के पानी से बर्बाद हुई फसलों तथा पानी में डूब गए लोगों को तत्काल मदद देने की मांग कर रही है । पार्टी की तरफ से 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन निम्न प्रकार है।
1-किसानों की बर्बाद हुई फसलों की तुरंत विशेष गिरदावरी करवाते जाए। क्षति पूर्ति पोर्टल पूरे जिले के लिए खोला जाए और उचित मुआवजा दिया जाए।
2- जिन लोगों के घरों में पानी घुसा है। या गिर गए हैं। या उन्हें किसी तरह का नुकसान हुआ है। उनके नुकसान की भरपाई की जाए। सबसे अधिक मकान बसंतपुर गांव में हुआ हैं।
3-बाढ़ की वजह से हर रोज कमाकर खाने वालों और खेत मजदूरों का काम चला गया है। उनकी एकमुश्त मदद की जाए।
4- बड़े पैमाने पर पानी निकासी के कदम उठाए जाएं। पानी के प्राकृतिक बहाव को सुनिश्चित की जाए।
5- पानी चढ़ने वाले इलाकों की पहचान करके वहां रोकथाम के स्थाई प्रबंध किए जाएं।
6-मौजूदा फसलों की बर्बादी के मुआवजे के साथ आगामी फसलों की बुआई के लिए पानी निकासी और बीज, खाद इत्यादि की सप्लाई सुनिश्चित करने की योजना बना कर अभी से प्रभावी कदम उठाए जाएं।
7- बिमारी न फैले इसकी रोकथाम के लिए कदम उठाए जाएं तथा इलाज और दवाओं की व्यवस्था की जाए।
8.-बाढ़ प्रभावित इलाकों में मनरेगा के तहत लोगों को काम किया जाए।
9-जो गरीब किसान खेतों में सब्जी पैदा करके अपना जीवन बसर करते हैं। सारी मेहनत बेकार हो गई है। सब्जी के खेतों में पानी भरने की वजह से इनका कारोबार बर्बाद हो गया है। उन्हें तत्काल मुआवजा प्रदान किया जाए।
10- जिन घरों के सदस्यों की पानी में डूब जाने से मृत्यु हो गई है। उन्हें भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

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