फरीदाबाद में यमुना का जलस्तर लगातार घट रहा है, लेकिन पानी अभी भी अभी भी खतरे के निशान पर चला हुआ है। यमुना में इस समय 1 लाख 92 हजार 612 क्यूसेक पानी बह रहा है। 270 मकान अभी भी पूरी तरह से मकान में डूबे हुए है। प्रशासन के द्वारा 12 शेल्टर होम चलाए जा रहे है जिनमें 705 लोग सुरक्षित रह रहे हैं।
यमुना के साथ लगते दर्जनभर ज्यादा गांव अभी भी पानी की चपेट में है। यहां पर फसलों पर जलभराव का बुरा असर पड़ा है। प्रशासन भी हालात पर नजर रखे हुए है।
दिल्ली ओखला बैराज से यमुना में छोड़े जाने वाले पानी भले ही लगातार कमी हो रही है। लेकिन फरीदाबाद में अभी हालात सामान्य नहीं है। यमुना से लगते जो इलाके पहले पानी की चपेट में थे वो अभी भी पानी की मार झेल रहे हैं। फरीदाबाद के बसंतपुर , भूपानी, नचोली, राजपुरा, अल्लीपुर, चांदपुर, ताजपुर, दूल्हेपुर, मोहना, चिरसी, ददसिया, कबूलपुर, मंझावली सहित कई अन्य गांव में अभी भी जलभराव है।
यहां पर किसानों की हजारों एकड़ में लगी धान, बाजरा, सरसो, ज्वार, स्वीटकार्न, सहित सब्जियों की खेती पुरी तरह से खत्म हो चुकी है।
डीसी विक्रम सिंह ने बताया कि प्रशासन के द्वारा अलग-अलग हिस्से में 12 शेल्टर होम चलाए जा रहे है। यमुना में पानी का स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन यमुना के लगते गांव में अभी भी जलभराव है। इसलिए बचाव दल की टीमें वहां पर लगातार काम कर रही है।

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