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जे.सी. बोस विश्वविद्यालय में कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए दो सप्ताह का प्रेरण कार्यक्रम शुरू

Posted by : pramod goyal on : Tuesday, 2 September 2025 0 comments
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 फरीदाबाद, 2 सितंबर – जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में कंप्यूटर इंजीनियरिंग और कंप्यूटर अनुप्रयोग विभागों में दाखिला लेने वाले नए छात्रों के लिए दो सप्ताह के प्रेरण कार्यक्रम शुरू हो गया। सूचना विज्ञान और कंप्यूटिंग संकाय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संरचना, सुविधाओं और संस्कृति से परिचित कराना था।

कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. सुशील कुमार

तोमर ने पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह के साथ किया। अपने सम्बोधन में प्रो. तोमर ने प्रेरण कार्यक्रम की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को विश्वविद्यालय के संसाधनों की जानकारी उपलब्ध करवाने और उनके व्यक्तिगत व व्यावसायिक विकास में मदद करते है। स्वामी विवेकानंद के कथन, “उठो, जागो और तब तक न रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए,” का उल्लेख करते हुए, उन्होंने छात्रों से अनुशासन को अपनाने, मोबाइल फोन के उपयोग को सीमित करने, पुस्तकालय में समय बिताने और नवाचार व शोध के अवसरों का लाभ उठाकर भारत की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थी जीवन को जीवन का “स्वर्णिम काल” बताया।

इससे पहले कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. आशुतोष दीक्षित ने स्वागत सम्बोधन में वाईएमसीए इंजीनियरिंग संस्थान से जे.सी. बोस विश्वविद्यालय तक की विश्वविद्यालय की विकास यात्रा को रेखांकित किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख किया। साथ ही छात्रों से व्यावसायिक और उद्यमशीलता विकास के अवसरों का अधिकतम उपयोग करने का आग्रह किया।
सूचना विज्ञान और कंप्यूटिंग संकाय के डीन प्रो. मंजीत सिंह ने छात्रों को उनके जीवन के इस महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत पर बधाई दी। उन्होंने उन्हें शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास में संतुलन बनाए रखने और विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं व मानव संसाधनों का उपयोग कर सीखने के अनुभव को अधिकतम करने की सलाह दी।
संस्थानों के डीन प्रो. मुनीश वशिष्ठ ने आधुनिक जीवन के हर क्षेत्र में कंप्यूटिंग की भूमिका को रेखांकित किया, जिसमें बैंकिंग, डेटा विश्लेषण, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशल इंटेलिजेन्स शामिल हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के समावेशी दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला, जिसमें सभी शिक्षार्थियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए हिंदी में कंप्यूटर इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की पेशकश शामिल है।
शैक्षणिक मामलों के डीन प्रो. अतुल मिश्रा ने बताया कि प्रेरण कार्यक्रम छात्रों को विश्वविद्यालय के क्लबों, सुविधाओं और विभागों से जोड़ता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि स्कूल की तुलना में विश्वविद्यालय जीवन में अधिक स्वतंत्रता होती है, लेकिन सफलता समय के उत्पादक उपयोग पर निर्भर करती है। उन्होंने छात्रों से जिज्ञासा को पोषित करने, वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने और आवश्यकता पड़ने पर मार्गदर्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया। सत्र का समापन सहायक प्रोफेसर डॉ. मानवी सिवाच द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

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