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सिंचाई विभाग दिल्ली सर्किल के कर्मचारी भी 6 सितंबर को भिवानी में सिंचाई मंत्री ‌ श्रुति चौधरी के आवास घेराव में भाग लेंगे

Posted by : pramod goyal on : Tuesday, 2 September 2025 0 comments
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 दिल्ली  2 सितंबर - सिंचाई विभाग के ‌ दिल्ली सर्किल के कर्मचारी भी 6 सितंबर को भिवानी में सिंचाई मंत्री ‌ श्रुति चौधरी के आवास के घेराव में भाग लेंगे। यह आश्वासन आज ‌ सिंचाई विभाग ‌ लिपिक एसोसिएशन के चैयरमेन ‌ ‌ सुचिंद्र वालिया ने दिया। आज थर्ड अलीपुर रोड दिल्ली में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की सभा हुई इसकी अध्यक्षता सुचिंद्र वालिया चैयरमेन  ने की ‌ जबकि संचालन लिपिक ‌ एसोसिएशन के  दिल्ली के प्रधान  नरेंद्र लडवाल किया। इस सभा को ‌ यूनियन के पूर्व प्रधान


वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य सरकार पर सिंचाई विभाग के पदों को समाप्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल 2003 में  भी ‌ डॉउन साइजिंग दी डिपार्टमेंट के नाम पर विभागों के आकार को घटाने का काम किया गया। ‌ पहले सिंचाई विभाग का नाम बदल गया और फिर इसके पद समाप्त कर दिए गए। फिलहाल में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कुल स्वीकृत पद 19682 इन पदों को घटाकर 12284 पदों को समाप्त करने का ‌ प्रस्ताव विचाराधीन है। यदि सरकार ‌ इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो लगभग 7 398 पर समाप्त हो जाएंगे। ‌ विभाग के अधिकारी 16 पद नाम को समाप्त कर रहे हैं। जिममें ‌ राजस्व लिपिक ‌ क्लर्क एआरसी, हेवी ड्यूटी फोरमेंन, चार्ज मैन,‌ हल्का वाहन चालक सिग्नलर,‌ सर्वेयर, फीटर, सुपरवाइजर, टर्नर ,वेल्डर, वर्क मिस्त्री, कारपेंटर ,अर्थ वर्क मिस्त्री, मेसन, टेलीफोन अटेंडेंट, आदि पदों  की भविष्य में ‌ भर्ती नहीं होगी। आधे से अधिक श्रेणी के पदों को समाप्त कर दिया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी के बेलदार, कैनाल गार्ड, गेज रीडर, मेट,‌चौकीदार,‌ दफ्तरी बरकम दाज,‌ जमादार माली पीएम पम्प  आपरेटर और सफाई कर्मचारी के‌ पदों की जरूरत इस रिपोर्ट में नहीं की गई है। जो सरकार ने विभाग के रेशनलाइजेशन के लिए बनाई थी।‌‌ इन पदों की जगह पर एमटीएस के रूप में 1391 नई पद बनाए जाएंगे जिनसे ज्यादातर बेगार ली जाएगी। नहरों के संचालन और रखरखाव के बारे में कमेटी ने सभी प्रकार के काम में ‌ ठेकेदारी प्रथा को  लागू  करते  हुए लागू करने की सलाह दी है। इस सभा को यूनियन के मुख्य संगठन सचिव योगेश शर्मा ने संबोधित करते हुए बताया कि ‌ सरकार ने ‌ कर्मचारियों की सेवा पर आधारित पुरानी पेंशन को समाप्त कर दिया। कोरोना काल में ‌ कर्मचारियों की  महंगाई भत्ते में की गई कटौती  अभी तक बहाल नहीं की है। उन्होंने जो भी कहा कि  इस सरकार ने ‌ हरियाणा के लपिक वर्ग के साथ‌ न्याय नहीं किया। लिपि को नहीं 42 दिन तक लगातार हड़ताल की उनकी मुख्य मांग 35400 की थी। उन्होंने यह कहा कि हम केवल एक सूत्री मांग को लेकर आंदोलन करेंगे। लेकिन सरकार ने उनकी इस मांग को भी लागू नहीं किया। इस सभा को यूनियन के राज्य उपमहासचिव राजेश धनखड़, ने भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि 6 सितंबर को भिवानी में ‌ लोक निर्माण विभाग हजारों ‌ कर्मचारी  एकत्रित होकर अपनी ‌ एकता का प्रदर्शन करेंगे। 

लिपिक संगठन के प्रधान नरेंद्र लड़वाल ने सरकार से दिल्ली में काम करने वाले हरियाणा के कर्मचारियों के हाउस रेंट में 30% की बढ़ोतरी करने की मांग की।‌ क्योंकि केंद्र के कर्मचारी दिल्ली में अधिक हाउस सैंट लेते हैं। लेकिन हरियाणा के कर्मचारियों को  दिल्ली ‌ केंद्र के समान कर्मचारियों का हाउस रेंट नहीं मिलता है। ‌ उन्होंने लिपिक से अधीक्षक और उसके बाद रजिस्ट्रार के पद पर पदोन्नति करने का चैनल खुला रखने की मांग की। इस सभा में ‌‌ ब्रांच के प्रधान मुकेश देशवाल, ब्रांच के सचिव सचिन पराशर,‌ ब्रांच कोषाध्यक्ष नरेश मलिक, ‌ जिला सचिव प्रदीप मालिक, और ‌ शमशेर सिंह पूर्व ब्रांच प्रधान भी ‌ शशिकांत शर्मा प्रेस सेक्रेटरी भी उपस्थित रहे।

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