दिल्ली ओखला बैराज से यमुना नदी में 1 लाख 73 हजार 632 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। फरीदाबाद की सीमा में यह 199.95 मीटर पर बह रही है। जबकि यहां खतरे का निशान 202.30 मीटर है। प्रशासन ने 27 गांव को संवेदनशील घोषित कर दिया है। जबकि 14 गांव को अति संवेदनशील घोषित किया गया है।
हथनी कुंड बैराज से सोमवार सुबह यमुना में छोड़ा गया तीन लाख 39 हजार क्यूसेक पानी आज फरीदाबाद की सीमा में प्रवेश करेगा। साल 2023 में अब तक का अधिकतम 3 लाख 72 हजार 225 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इस बार का पानी 2023 का रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
जिसके बाद यमुना से लगते गांव में हालात बिगड़ सकते है। प्रशासन ने 14 गांव में बाढ़ का खतरा सबसे ज्यादा बताया है। इनमें बसंतपुर, किडावली, लालपुर, महावतपुर, राजपुर कलां व तिलोरी खादर, अमीपुर व चिरसी, मंझावली, चंदपुर, मोठुका, अरुआ, छांयसा और मोहना गांव शामिल हैं।
उधर, यमुना के किनारे बसे स्माइलपुर गांव में सब्जियों की खेती करने वाले किसानों ने सड़क किनारे को अपना घर लिया है। इन लोगों को शेल्टर होम की कोई जानकारी नहीं है, सड़क के किनारे झोपड़ी डालकर बच्चों के साथ रह रहे हैं। रात को यहीं पर सो रहे हैं। सब्जियों की करीब 100 एकड़ की खेती इस गांव में बर्बाद हो चुकी है।

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