HEADLINES


More

भाटिया सेवक समाज को पट्टे पर प्राप्त जमीन और किए जा रहे निर्माण को लेकर बरती गई अनियमिताओं को लेकर उठाएं प्रश्न चिन्ह

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 17 July 2025 0 comments
pramod goyal
Saved under : , ,
//# Adsense Code Here #//


 फरीदाबाद। सरकार अथवा प्रशासन से फरीदाबाद की बहुत पुरानी संस्था भाटिया सेवक समाज को पट्टे पर प्राप्त जमीन और उस पर किए जा रहे हैं निर्माण को लेकर बरती गई अनियमिताओं को उजागर करते हुए आनन्द कान्त भाटिया द्वारा विभिन्न प्रकार के कई आरोप लगाते हुए एक प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित किया गया । इस प्रेस वार्ता में न केवल भाटिया सेवक समाज के प्रधान मोहन सिंह भाटिया पर अपितु प्रशासन के विभिन्न विभागों के उन अधिकारियों पर भी प्रश्न चिन्ह उठाएं। जिनके द्वारा शर्तें पूरी न होने के बावजूद भी संस्था का नक्शा 3 वर्ष पूर्व पास कर दिया गया। आनन्द कान्त भाटिया ने बताया कि पट्टे पर प्राप्त हुई इस ज़मीन पर विगत 46 वर्षों से पट्टे की लगभग सभी शर्तों का उल्लंघन करते हुए सेवा की आड़ में भाटिया सेवक समाज विभिन्न प्रकार के कमाई के ज़रिए बनाकर समाज, शासन और प्रशासन सभी को बेवकूफ बनाता चला आ रहा है। संस्था कभी भी दोषी नहीं होती, यदि कोई दोषी होता है तो वह संस्था का प्रधान अथवा वह कार्यकारिणी, जिनके समय में गलत कार्य किए जाते रहे हों।

पट्टे की शर्तों के अनुसार इस जमीन को किसी को भी किराए पर अथवा किसी अन्य तरीके से नहीं दिया जा सकता था, इस पर किसी प्रकार का कोई निर्माण बिना प्रशासनिक अनुमति के नहीं किया जा सकता था तो ऐसे में यहां पर टाटा कंपनी का टावर लगना, तारा नेत्रालय के नाम से किसी अन्य संस्था के साथ ज्वाइंट वेंचर में काम करना और 7 वर्षों तक उस नेत्रालय के नाम पर सामाजिक व्यापारिक एवं अन्य दान कर्ताओं से राशि एकत्रित करते चले जाना भी गलत कार्य ही था।
वर्ष 2022 में मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए नक्शा पास करवाने हेतु किए गए आवेदन पर विभिन्न अधिकारियों की अनगिनत टिप्पणियां दर्ज होती चली गई जिनके आधार पर अंत में सभी एक्ट एवं नियमों का हवाला देते हुए नगर निगम के योजना विभाग ने भाटिया सेवक समाज के प्रधान को यह स्पष्ट किया था कि यदि वे इसी स्थान पर डिस्पेंसरी अथवा पब्लिक हेल्थ सेंटर चलना चाहे तो उन्हें नक्शा उस आधार पर पारित करवाकर मिल सकता है, जिसे स्वीकार्य करते हुए स्वयं भाटिया सेवक समाज के प्रधान मोहन सिंह भाटिया ने अपने पत्र दिनांक 24/08/2022 द्वारा निगम आयुक्त को यह लिखित में दिया कि वे भाटिया सेवक समाज में चल रहे अन्य सामाजिक कार्यों के साथ यहां से केवल डिस्पेंसरी अथवा पब्लिक हेल्थ सेंटर ही चलाएंगे ना कि मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, तो क्यों आज भाटिया सेवक समाज के प्रधान इस समाज से, व्यापारी वर्ग से, दुकानदारों से तथा सरकारी पैसा मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल बनाने के नाम पर एकत्रित करने का कार्य कर रहे हैं और कि जिसके लिए उन्होंने संस्था के बाहर लगाए गए बोर्ड पर भी भाटिया सेवक समाज चैरिटेबल अस्पताल (पंजी०) लिखवाया हुआ है। बिना लीज़ राशि का भुगतान किया कैसे नगर निगम की योजना शाखा ने नक्शा पारित किया जबकि नक्शा पारित करने की आखिरी शर्त भी यही थी।
सरकार और प्रशासन को यह देखना होगा कि इस संस्था के द्वारा अनेकों अनेक अनियमितताएं दोहराई जाती चली आ रही है और इसके पीछे केवल और केवल इस संस्था के वर्षों से चले आ रहे प्रधान सरदार मोहन सिंह भाटिया का दिमाग एवं हाथ है। ऐसे में प्रशासन और संस्था को पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई प्रधान से ही करनी उचित रहेगी और कि तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए जिन आधार पर नक्शा पारित किया जाना इन्हें बताया गया था उसी आधार के अनुसार समाज और शहर में यह संदेश पहुंचना आवश्यक भाभी है कि यहां किसी प्रकार का कोई मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल नहीं बनाया जा रहा है ताकि इन लोगों के द्वारा भोले भाले लोगों एवं दानकर्ताओं को ठगा ना जा सके। गलत पाए जाने पर नक्शा खारिज किया जाना चाहिए।



No comments :

Leave a Reply