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रविवार: प्रगति और प्रकृति के बीच संतुलन ही सतत विकास की असली पहचान है। इसी विचार को धरातल पर उतारते हुए आज रविवार सुबह फरीदाबाद के सेक्टर-9 बाईपास रोड स्थित ग्रीन जोन में एक विशेष वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया ग
या। इस अभियान का नेतृत्व हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल ने किया, जिनकी अगुवाई में पौधे लगाए गए।
वातावरण को स्वच्छ, हरित और जीवनदायिनी बनाए रखने की दिशा में दीर्घकालिक जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी ज़ाहिर की गई। ग्रीन जोन के रूप में चिन्हित इस क्षेत्र को एक मॉडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जहाँ ना केवल हरियाली फैलेगी बल्कि लोगों में पर्यावरण चेतना भी जागृत होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा “यह अभियान कोई औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह हमारे सोच में आए उस सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है जहाँ हम केवल विकास की दौड़ में नहीं हैं, बल्कि अब हम सस्टेनेबल डेवलपमेंट यानी ‘प्रकृति और प्रगति’ दोनों का संतुलन चाहते हैं।”
उन्होंने इस दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि:
“मोदी जी ने पर्यावरण संरक्षण को नीति-निर्माण का केंद्र बिंदु बनाया। ‘मिशन लाइफ (LiFE – Lifestyle for Environment)’ के माध्यम से उन्होंने हर नागरिक को यह प्रेरणा दी कि जब तक हम अपनी जीवनशैली को प्रकृति-अनुकूल नहीं बनाएंगे, तब तक वास्तविक पर्यावरण रक्षा संभव नहीं। ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ जैसी पहल के माध्यम से भारत ने वैश्विक नेतृत्व करते हुए सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया।”
विपुल गोयल ने आगे कहा कि भारत ने 450 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन का लक्ष्य तय किया है, जो आने वाले वर्षों में दुनिया को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की प्रतिबद्धता का परिचायक होगा। इसी तरह 500 से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण और 75 शहरों में ग्रीन अर्बन मोबिलिटी योजना पर्यावरणीय नीति को जमीनी हकीकत में बदलने के उदाहरण हैं।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, क्षेत्रीय पार्षदगण, समाजसेवी, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधिगण और स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। सभी ने पौधा रोपण किया और उनकी देखरेख का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम के दौरान जन सहभागिता बताता है कि पर्यावरण संरक्षण अब केवल सरकारों की ज़िम्मेदारी नहीं रह गया है, बल्कि आम नागरिक भी इसे एक नैतिक और सामाजिक कर्तव्य के रूप में ग्रहण कर रहे हैं।
वृक्षारोपण के बाद अपने उद्बोधन में विपुल गोयल ने कहा: “वृक्ष लगाना तो पहला कदम है, लेकिन उसे सेवा भाव से बड़ा करना, उसकी रक्षा करना और उसे अपनी पहचान बनाना, यही सच्ची साधना है। हम सब संकल्प लें कि जब भी अवसर मिले, कम से कम एक पौधा लगाएं और उसे पेड़ बनने तक उसका पालन करें। यह सिर्फ पर्यावरण नहीं, बल्कि एक संस्कार है, जिसे हमें अपने बच्चों को भी सिखाना है।”
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