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आज कल हरियाणा में चुनाव की चहलकदमी और घोषणा के साथ ही सभी राजनीतिक पार्टियों के भावी उम्मीदवारो ने विभिन्न सामाजिक साम्प्रदायिक संगठनो के मतदाताओं को लुभाने वाली बातें एवं झूठे वादे करने शुरू कर दिए हैं जिससे कि उनके लेकर सत्ता हासिल कर ली जाए और ऐसे संगठनों के जो ठेकेदार बने हुए हैं उनकी चेतना भी जाग गई है क्योंकि उनके पास वोटर्स का सौदा कर के मोटा पैसा उम्मीदवारों से हड़प कर अपने लिए आलीशान महल एवं गाड़ीयां खरीद कर मोज वाली जिं
दगी जीने लगे और लोगों की शहर वैसे पहले भी कमी नहीं है शहर जनता अच्छी तरह जानती है और पहचानती भी है फिर भी बहकावे में आकर ठगी जाती है जब मतदाताओं को अपने विवेक से मतदान करना चाहिए कोन कैसा है आपका अनुभव है फिर क्यों धोका खाते हो और फिर पांच वर्ष तक रोते रहते हो पश्चाताप करते रहते हो क्यों इस बार आंख खुली रखकर अपनी बुद्धि विवेक से मतदान करना चाहिए जाती वाद क्षेत्र वाद, सम्प्रदायवाद से ऊपर उठकर सच्चे राष्ट्रवादी बनकर किसी भी बेईमान भ्रष्ट लूट खसोट करने वाले उम्मीदवार को वोट नहीं देंगे यह शहर मजदूरो तथा मंझोले व्यापारीयों का शहर है नाकि किसी जाति धर्म संप्रदाय का शहर है किसानो ओर उनके बच्चों का शहर एवं प्रदेश है जो यहां जवानी में आयें है और बूढ़े हो चुके हैं स्थानीय निवासी बने हैं उन्हें अब प्रदेश वासियों से अलग दर्जा देना अनुचित है जाती संप्रदाय के नाम से समाज को बांटने वाले देशभर की लोकशक्ति को बांटने वाले लोगों के और राष्ट्र के हितैषी नहीं हो सकतें आप इस चालबाजीयो से सावधान रहें
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