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सरकार के घोर उपेक्षापूर्ण रवैए से नाराज़ आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं ने कार्य स्थलों पर काली पट्टी बांध कर रोष प्रकट किया

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 18 April 2020 0 comments
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फरीदाबाद,18 अप्रैल। सरकार के घोर उपेक्षापूर्ण रवैए से नाराज़ आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को अपने कार्य स्थलों पर काली पट्टी बांध कर रोष प्रकट किया। यह जानकारी देते हुए सीटू एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हैल्पर्स यूनियन हरियाणा की प्रदेशाध्यक्ष देविन्द्री शर्मा ने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर एवं हैल्पर से कोविड 19 में गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए घर घर राशन बांटने व कई प्रकार के घर घर जाकर सर्वे करने की डूयटियां लगाई जा रही है। जिसको
वर्कर एवं हैल्पर पुरी ईमानदारी से कर रही है। लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग या सरकार की तरफ से जिला प्रशासन कोविड 19 में काम करने वाली वर्कर एवं हैल्पर को सेनिटाइजर, दस्ताने,मास्क आदि सुरक्षा के उपकरण नहीं दिए जा रहे हैं। सीडीपीओ लिख कर आदेश जारी कर रही है कि वर्कर एवं हैल्पर सुरक्षा के उपकरण स्वंम ही उपलब्ध करे। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा घोषित जोखिम बीमा में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कवर नहीं किया गया है। 

प्रदेशाध्यक्ष देविन्द्री शर्मा,भूपेन्द्री, सुनीता,दुर्गेश,धीरज,राजवती, रेखा व सुनीता ने बताया की अगर सरकार ने शनिवार को किए विरोध कार्रवाई के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाया तो 21 अप्रैल को सीटू हरियाणा के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में "भाषण नही ,स्थाई रोजगार चाहिए" भाषण नहीं,राशन चाहिए" "भाषण नहीं, सामाजिक सुरक्षा चाहिए"  आदि मांगों के समर्थन में मांग दिवस मनाया जाएगा। जिसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी आशा,मिड डे मील वर्कर, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, ग्रामीण चौकीदार,भवन निर्माण व भट्ठा मजदूर,फेक्ट्री मजदूर, रेहड़ी पटरी मजदूर व असंगठित क्षेत्र के मजदूर के साथ मिलकर अपने अपने गांवों, शहरों व कस्बों में थाली बजाओं-बर्तन बजाओं आंदोलन करेंगे। 

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