//# Adsense Code Here #//
नई दिल्ली . दिल्ली में 22 साल बाद उपहार अग्निकांड के वीभत्स दृश्य ताजा हो गए। यहां अनाज मंडी इलाके में रविवार सुबह 5 बजे बैग बनाने वाली चार मंजिला अवैध फैक्ट्री में आग लग गई। आग और प्लास्टिक के धुंए की वजह से 43 मजदूरों की मौत हो गई। ज्यादातर मृतक बिहार के हैं, जो फैक्ट्री में ही रहते थे। इनमें तीन बच्चे भी हैं। 38 लोगों की मौत दम घुटने से हुई। 63 लोग बचा लिए गए। मरने वालों में से 28 की शिनाख्त हो चुकी है। आग दूसरी मंजिल से लगनी शुरू हुई और कुछ देर में ऊपर की मंजिलों तक फैल गई। पूरी बिल्डिंग में आग का गुबार भर गया।
पहली मंजिल पर रहने वाले लोग जान बचाकर भागने में सफल रहे। हादसे के वक्त बिल्डिंग में 100 से अधिक लोग मौजूद थे। ये लोग पूरे दिन फैक्ट्री में काम करते थे और फिर यहीं सो जाते थे। फैक्टरी के मालिक रेहान और मैनेजर फुरकान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। केस की तफ्तीश क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। आग बुझाने का काम कई घंटे बाद तक जारी रहा।
दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कुल 63 लोगों को बिल्डिंग से अचेत हालत में बाहर निकाल ऑटो व एंबुलेंस के जरिए एलएनजेपी, लेडी हार्डिंग, राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पहुंचाया गया था, जहां अधिकांश लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं केजरीवाल सरकार और भाजपा शासित नगर निगम जिम्मेदारी से बचते हुए पूरा दिन इस हादसे के लिए एक-दूसरे को ही दोषी ठहराते रहे।

No comments :