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फरीदाबाद,22 अक्टूबर। जेसी बोस युनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी वाईएमसीए द्वारा एस्लान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालेज की एफिलेशन वापस लेने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शैक्षणिक सत्र के मध्य में एफिलेशन वापस लेने से शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए अंडर ग्रेजुएट के एडमिशन लिए करीब 500 छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। क्योंकि 14 अगस्त,2019 को अंडर ग्रेजुएट में प्रवेश पाने का समय समाप्त हो चुका है, जिसके कारण अब यह छात्र किसी अन्य कालेज में एडमिशन नही ले सकेंगे। उल्लेखनीय है कि अवश्य इंस्पेक्शन न करवाने के कारण जेसी बोस युनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी वाईएमसीए ने एस्लान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालेज से 17 अक्टूबर को एफिलेशन वापस ले ली है। जिसके कारण करीब 500 छात्रों का भविष्य बर्बाद होने के कागार पर है। इसी वजह से छात्रों एवं उनके अभिभावकों की रात की नींद और दिन का चैन समाप्त हो गया है और इनमें
अभिभावक एकता मंच ने रजिस्ट्रार से मुलाकात और छात्रों को एडजस्ट करने की मांग की।
हरियाणाअभिभावक एकता मंच पीड़ित छात्रों के पक्ष में खुलकर मैदान में आ गया है। मंच का शिष्टमंडल ने मंगलवार को जेसी बोस युनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी वाईएमसीए के कुलपति व रजिस्ट्रार से मुलाकात की और तीन पेज का प्रतिवेदन सौंपा। जिसमें एस्लाा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालेज द्वारा शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए एडमिट किए छात्रों का युनिवर्सिटी में पंजीकरण करने और कालेज प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। रजिस्ट्रार ने मंच के शिष्टमंडल को कहा कि एस्लान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालेज द्वारा शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए दाखिल किए छात्रों का युनिवर्सिटी में कोई रजिस्ट्रेशन नही हुआ है। इसलिए अभी हम इस बारे कुछ नही कह सकते। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी जानकारी में यह भी नही है कि कालेज ने नए एडमिशन किए हैं। जब मंच के शिष्टमंडल ने रजिष्ट्रार से यह सवाल किया कि युनिवर्सिटी प्रशासन ने अंडर ग्रेजुएट के एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले एफिलेशन वापस ले कर सावृजनिक क्यों नही किया। शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बीच में एफिलेशन वापस क्यों ली,तो रजिस्ट्रार कोई संतोषजनक जवाब नही दे पाए। रजिस्ट्रार ने कहा कि इसके लिए कालेज प्रशासन जिम्मेदार है। मंच के महासचिव कैलाश शर्मा व जिला प्रधान शिव कुमार जौशी एडवोकेट ने जब सवाल किया कि युनिवर्सिटी प्रशासन को सभी जानकारी होने के बावजूद कालेज प्रशासन के खिलाफ अभी तक कोई एफआईआर क्यों नही दर्ज करवाई। इस पर भी उन्होंने कहा कि यह काम युनिवर्सिटी का नही है। मंच ने आरोप लगाया कि युनिवर्सिटी प्रशासन की मिलीभगत से ही शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए एडमिशन हो पाए है और अब युनिवर्सिटी के कुलपति व रजिस्ट्रार अपनी जिम्मेदारी से बचने के प्रयास कर रहे है। मंच ने ऐलान किया की अगर शीघ्र शैक्षणिक सत्र 2019-20 के लिए छात्रों का युनिवर्सिटी ने पंजीकरण नही किया तो मंच अभिभावकों एवं पीड़ित छात्रों और जागरूक नागरिकों के को साथ लेकर सड़कों पर उतरने पर मजबूर होगा।

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