HEADLINES


More

प्रधानमंत्री सहित भाजपा के दिज्गज नेताओं के प्रचार के बाद आखिर क्यों हुआ हरियााणा में भाजपा का यह हाल ?

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 24 October 2019 0 comments
pramod goyal
//# Adsense Code Here #//
फरीदाबाद।   छाटे से हरियाणा के विधानसभा चुनावों में जहां भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, वहीं कांग्रेस आला नेताओं ने इस चुनाव को अन्य चुनावों की तरह तरजीह नहीं दी। इसके बावजूद हरियाण में भाजपा 40 का आंकडा भी पार नहीं कर पा रही है। जबकि नारा 75 पार का दिया गया था। क्या भाजपा नेता लोकसभा चुनावों में मिली ऐतिहासिक जीत को लेकर अति उत्साहित थे, या फिर भाजपा को घंमड हो गया था कि सरकार तो उनकी ही बनेगी और वह भी पूर्ण बहुमत से, चाहे फिर कोई भी प्रत्याशी और नारा हो। पूरे चुनाव में भाजपा को आंतरिक रूप से अपनी स्थिति शायद पहले ही पता थी, वरना छोटे से हरियाणा विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री मोदी की आधा दर्जन से अधिक रैलियां और गृहमंत्री से लेकर रक्षा मंत्री और दूसरे दिज्गज नेताओं की चुनावी सभाएं कराना क्या दर्शाता है। केवल राष्टवाद और धारा 370 के के अलाावा भाजपा के पास इन चुनावों में कोई मुद्दा नहीं था। जबकि प्रदेश के मतदाता रोजगार, मंहगाई और विकास जैसे मुद्दे को लेकर जागरूक थे। प्रदेश में भाजपा का कमजोर नेतृत्व और आम लोगों के हितों की अनदेखी का ही कारण है कि प्रदेश में सरकार बहुमत से भाजपा नहीं बना पा रही है। राजनैतिक पटल पर जो कांग्रेस लगभग समाप्त मानी जा रही थी, इस विधानसभा चुनाव में कड़ी टक्कर में आ गई, जो आगे भाजपा के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है।



No comments :

Leave a Reply