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भाजपा के संकल्प पत्र में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने पर कड़ी नाराजगी जताई

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 17 October 2019 0 comments
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फरीदाबाद,17 अक्टूबर। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने भाजपा के संकल्प पत्र में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि भाजपा का संकल्प पत्र पढ़ने से लगता है कि भाजपा के एजेंडे में कर्मचारी एवं उनकी मांगें व समस्याएं नहीं हैं। उन्होंने यह आरोप आल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन की सेक्टर 7 में आयोजित सर्कल कार्यकारिणी की मीटिंग
को संबोधित करते हुए लगाया। सर्कल सचिव अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस मीटिंग में एनआईटी,ओल्ड फरीदाबाद, बल्लभगढ़ व ग्रेटर फरीदाबाद की इकाइयों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि सभी राष्ट्रीय व क्षेत्रीय दलों के संकल्प पत्र एवं धोषणा पत्रों का तुलनात्मक अध्ययन करने के बाद भाजपा के धोषणा पत्र से कर्मचारी वर्ग को भारी निराशा ही हाथ लगी है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की मुख्य मांगों जिनमे कच्चे कर्मियों को पक्का करना, पंजाब के समान वेतनमान, एनपीएस को बंद कर पुरानी पेंशन बहाली व समान काम समान वेतन का भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में कोई जिक्र तक नहीं किया है। यही नहीं जन सेवाओं के महकमों के विस्तार पर भी संकल्प पत्र बिल्कुल चुप है। 2014 में जंहा 2 लाख बेरोजगारों को हर साल रोजगार देने का वायदा था परंतु 2019 में कोई चर्चा न करके पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को अप्रेंटिस के रूप में काम देने को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले पांच सालों में जन सेवाओं के निजीकरण करने की गति को तेज किया है। 900 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश होने के बावजूद किलोमीटर स्कीम को जारी रखने पर सरकार अड़ी हुई है। बिजली निगमों में 11 केवी फीडर व सब डिवीजनों को निजी हाथों में सौपा जा रहा है। 2 हजार से ज्यादा स्कूलों को बंद कर दिया गया है। जिसको लेकर कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ रहे कांग्रेस,जेजेपी, सीपीएम, सीपीआई द्वारा पुरानी पेंशन बहाल करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा धोषणा पत्र में करने के लिए आभार भी जताया। मीटिंग में 50/55 साल की उम्र या 25 साल की नौकरी वाले कर्मचारियों को जबरन रिटायर करने के जारी फरमानों की घोर निन्दा की गई और इसके खिलाफ आन्दोलन शुरू करने का संकल्प लिया गया।

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