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फरीदाबाद 19 दिसंबर। 17 सितम्बर, 2017 को हुए पलवली हत्याकांड में नामजद
आरोपियां को बचाने के चक्कर में कोर्ट को बरगलाने, झूठी तशदीक करने व गलत
बयानबाजी को लेकर गांव के नंबरदार वेदराम, पूर्व मेंबर राजाराम एवं
ब्रह्यदत्त के खिलाफ पुलिस कार्यवाही करने और गिरफ्तारी की मांग को लेकर
बुधवार को गांव पलवली के सैंकड़ों लोग पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे और अपनी
शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप था कि 17 सितम्बर, 2017 को पलवली में
हुए हत्याकांड में 5 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। जिसमें मुकद्दमा
नं.110 में आईपीसी की धारा 148, 149, 323, 452, 302, 307, 506 एवं 25, 27,
54, 59 आर्म्स एक्ट के तरह थाना खेडीपुल में दर्ज है। इस मुकद्दमे में 28
आरोपियां को नामजद किया गया था, जोकि नीमका जेल में बंद हैं। इन्हीं में से
एक आरोपी ओमदत्त पुत्र ब्रह्यदत्त की अंतरिम जमानत की अर्जी लगाई गई,
जिसमें ब्रह्यदत्त में 26 नवम्बर, 2018 को कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की है
कि उसमें अपने एक लडके को छिपाया है और हवाला दिया है कि उसका एक ही लडका
है ओम
दत्त जबकि उसका एक अन्य लड़का भी है राजेन्द्र कुमार। ब्रह्यदत्त द्वारा कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट की वेदराम नंबरदार एवं पूर्व मेंबर राजाराम ने तशदीक की है, जो सरासर गलत है। अतः कोर्ट को गुमराह करने और संवैधानिक पद पर रहते हुए गलत तशदीक करने के जुर्म में इन पर मुकद्दमा दर्ज हो और कानून अनुसार सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। ग्रामीणां ने आरोप लगाया कि ये लोग मिलीभगत कर गांव का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं और वास्तविक तथ्यों को छिपाकर न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इसे संवैधानिक पद का दुरुपयोग कहेंगे और इनको बर्खास्त कर तुरंत कानूनी कार्यवाही की जाए। इस अवसर पर बिजेन्द्र शर्मा, भीम पूर्व मेंबर, रविदत, पं. सुरेन्द्र बबली, अनिल कुमार, छाजूराम, नन्दकिशोर, भूदत्त, भगतराम, गोकल, रघुबर, मूलचंद, रामकुमार, त्रिलोक, कन्हैया, रिंकु, सुंदर एवं दुलीचंद शर्मा आदि मौजूद थे।
दत्त जबकि उसका एक अन्य लड़का भी है राजेन्द्र कुमार। ब्रह्यदत्त द्वारा कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट की वेदराम नंबरदार एवं पूर्व मेंबर राजाराम ने तशदीक की है, जो सरासर गलत है। अतः कोर्ट को गुमराह करने और संवैधानिक पद पर रहते हुए गलत तशदीक करने के जुर्म में इन पर मुकद्दमा दर्ज हो और कानून अनुसार सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। ग्रामीणां ने आरोप लगाया कि ये लोग मिलीभगत कर गांव का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं और वास्तविक तथ्यों को छिपाकर न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इसे संवैधानिक पद का दुरुपयोग कहेंगे और इनको बर्खास्त कर तुरंत कानूनी कार्यवाही की जाए। इस अवसर पर बिजेन्द्र शर्मा, भीम पूर्व मेंबर, रविदत, पं. सुरेन्द्र बबली, अनिल कुमार, छाजूराम, नन्दकिशोर, भूदत्त, भगतराम, गोकल, रघुबर, मूलचंद, रामकुमार, त्रिलोक, कन्हैया, रिंकु, सुंदर एवं दुलीचंद शर्मा आदि मौजूद थे।

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