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फरीदाबाद। महिला एवं बाल विकास मंत्रा
लय, खादय एवं पोषण बोर्ड, भारत सरकार की फरीदाबाद ईकाई द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह 2018 के उपलक्ष में राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन जिला प्रशिक्षण केंद्र सिविल अस्पताल, फरीदाबाद में आयोजित क गयी। जिसमें चिकित्सा अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी,म हिला पर्यवेक्षक, एनम, एलएचवीएस आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ डा. बी के राजोरा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी फरीदाबाद द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि मां का दूध अमृत तुल्य है। स्तनपान को बढावा देने के लिए माताओं को जागरूक करने की आवश्यकता है जिससे सही व अधिक से अधिक स्तनपान हो सके।
इस मौके पर डा. रमेश उप चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि शिशु को जन्म के बाद 1 धंटे के अंदर जितना जल्दी हो सके स्तनपान से मॉ व शिशु के लिए अत्यंत लाभकाारी है परंतु हमारे देश में नेशनल फैमली हैल्थ सर्वे-4 (एनएफएचएस-4) के अनुसार मात्र 41.6 प्रतिशत जबकि हरियाणा में 42.4 प्रतिशत महिलाएं ही 1 घंटे के अंदर स्तनपान करवा रही है।
बैठक को सम्बोधित करते हुए डा. संगीता, चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि शिशु को 6 माह तक केवल स्तनपान ही करवाना चाहिए जिससे शिशु को संक्रमण सेे बचाया जा सके। 6 माह तक शिशु के सभी विकास के लिए मॉ का दूध पर्याप्त है हमारे देश में 55 प्रतिशत जबकि हरियाणा में 50 प्रतिशत माताएं ही 6 माह तक केवल स्तनपान कराती हे, बच्चे को बोतल से दूध नहीं देना चाहिए।बैठक के अंत में निर्देशन अधिकारी नरेश कुमार ने इस वर्ष की थीम ’ स्तनपान जीवन का आधार और पोषण‘ पर जानकारी दी और कहा कि 6 माह बाद शिशु के लिए मॉ का दूध कम पडता है उसको पर्याप्त, उचित व साफ सुथरा ऊपरी आहार मॉ के दूध के साथ साथ देना अत्यंत आवश्यक है। जिससे शिशु का सही विकास हो सके
लय, खादय एवं पोषण बोर्ड, भारत सरकार की फरीदाबाद ईकाई द्वारा विश्व स्तनपान सप्ताह 2018 के उपलक्ष में राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन जिला प्रशिक्षण केंद्र सिविल अस्पताल, फरीदाबाद में आयोजित क गयी। जिसमें चिकित्सा अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी,म हिला पर्यवेक्षक, एनम, एलएचवीएस आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ डा. बी के राजोरा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी फरीदाबाद द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि मां का दूध अमृत तुल्य है। स्तनपान को बढावा देने के लिए माताओं को जागरूक करने की आवश्यकता है जिससे सही व अधिक से अधिक स्तनपान हो सके।
इस मौके पर डा. रमेश उप चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि शिशु को जन्म के बाद 1 धंटे के अंदर जितना जल्दी हो सके स्तनपान से मॉ व शिशु के लिए अत्यंत लाभकाारी है परंतु हमारे देश में नेशनल फैमली हैल्थ सर्वे-4 (एनएफएचएस-4) के अनुसार मात्र 41.6 प्रतिशत जबकि हरियाणा में 42.4 प्रतिशत महिलाएं ही 1 घंटे के अंदर स्तनपान करवा रही है।
बैठक को सम्बोधित करते हुए डा. संगीता, चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि शिशु को 6 माह तक केवल स्तनपान ही करवाना चाहिए जिससे शिशु को संक्रमण सेे बचाया जा सके। 6 माह तक शिशु के सभी विकास के लिए मॉ का दूध पर्याप्त है हमारे देश में 55 प्रतिशत जबकि हरियाणा में 50 प्रतिशत माताएं ही 6 माह तक केवल स्तनपान कराती हे, बच्चे को बोतल से दूध नहीं देना चाहिए।बैठक के अंत में निर्देशन अधिकारी नरेश कुमार ने इस वर्ष की थीम ’ स्तनपान जीवन का आधार और पोषण‘ पर जानकारी दी और कहा कि 6 माह बाद शिशु के लिए मॉ का दूध कम पडता है उसको पर्याप्त, उचित व साफ सुथरा ऊपरी आहार मॉ के दूध के साथ साथ देना अत्यंत आवश्यक है। जिससे शिशु का सही विकास हो सके

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