HEADLINES


More

ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर करीब 800 कर्मचारी भी बैठे अनशन पर

Posted by : pramod goyal on : Tuesday, 8 May 2018 0 comments
pramod goyal
Saved under : , ,
//# Adsense Code Here #//
 फरीदाबाद ओल्ड रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों ने आज से शुरू किया तीन दिवसीय क्रमिक अनशन।  ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आव्हान पर नॉर्थन रेलवे मेंस यूनियन द्वारा देशभर में सभी शाखाओं पर 8 मई से लेकर 10 मई तक किया जा रहा है क्रमिक अनशन।   रेलवे कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर समाधान के लिए किया जा रहा है क्रमिक अनशन ।  एनपीएस हटाओ पुरानी गारंटीड पेंशन फैमिली पेंशन बहाल करो रेलों की निजी करण निगमीकरण नीतियों पर रोक लगाओ  इन सभी मांगों को लेकर किया जा रहा है क्रमिक अनशन। अनशन पर बैठे सैकड़ों
कर्मचारी । कहा मांगे जल्दी मानी जाए नही तो आने वाले समय मे वह नही चाहते कि यात्रियों को कोई असुविधा हो । 72 घंटे की हड़ताल के बाद जोनल रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय पर ज्ञापन सौपा जाएगा। 
 एनपीएस हटाओ , पुरानी गारंटीड पेंशन फैमिली पेंशन बहाल करो , रेलों की निजी करण निगमीकरण नीतियों पर रोक लगाओ , के नारेबाजी करते यह सभी नॉर्दन रेलवे के अंतर्गत विभिन्न कामो को करने वाले रेलवे कर्मचारी है. जो  8 मई से लेकर 10 मई तक 72 घंटे के क्रमिक अनशन पर बैठे हुए है.  ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आव्हान पर नॉर्थन रेलवे मेंस यूनियन द्वारा देशभर में सभी शाखाओं पर तमाम कर्मचारी इस अनशन का समर्थन करने के लिए समर्थन में आये. जिसके चलते ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर भी करीब 800 रेलवे कर्मचारियों ने इस क्रमिक अनशन का समर्थन किया और 72 घंटे की हड़ताल में शामिल हुए. ओल्ड फरीदाबाद में हड़ताल का नेतृत्व कर रहे रेलवे मेंस फेडरेशन के कोषाध्यक्ष मोहम्मद रफीक ने बताया की रेल मंत्रालय द्वारा जिस प्रकार से उनकी मांगो को लंबित रखा गया है उन्होंने बताया की सातवे वेतन आयोग को लागू हुए लगभग ढाई साल बीत चुके है लेकिन आज तक रेलवे द्वारा उसे पूर्ण रूप से लागू नहीं किया जा रहा है. उसी के रोष में तमाम रेलवे फेडरेशन के बैनरो तले तमाम शाखाओ द्वारा जिसमे लगभग सवा लाख रेलवे कर्मचारी पूरे भारत वर्ष में क्रमिक हड़ताल पर बैठे है. वहीँ फरीदाबाद में भी करीब 800 रेलवे कर्मचारी हड़ताल पर बैठे है. यह हड़ताल आज 8 , 9 और 10 मई तक 72 घंटे की रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी है की समय रहते अगर उनकी मांगे नहीं मानी तो निश्चित रूप से कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन करने को वह मजबूर होंगे। वह अभी तो भूख हड़ताल पर है लेकिन मांगे नहीं मानी गयी तो भूख हड़ताल से भूख शब्द हटाकर वह हड़ताल करने पर उतर आएंगे। उन्होंने बताया की  इस हड़ताल में रेलवे के विभिन्न विभागों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल है जैसे ट्रैक मेनटनर्स , लोको पायलेट्स , अस्सिटेंट लोको पायलेट्स है और स्टेशन मास्टर्स सहित तमाम कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल है.  कहा मांगे जल्दी मानी जाए नही तो आने वाले समय मे वह नही चाहते कि यात्रियों को कोई असुविधा हो ।

No comments :

Leave a Reply