//# Adsense Code Here #//
फरीदाबाद गोल्फ क्लब में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हरियाणा प्रांत कार्यवाह डॉ देवप्रसाद भारद्वाज ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। जिसमें उन्होनें 9 से 11 मार्च को नागपुर में संपन्न हुई रा. स्व. संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के बारे में विस्तृत जानकारी दी। जिसमें उन्होंने समाज व्यवस्था परिवर्तन के लिये 5 बिंदुओं के बारे में बताया, सामाजिक समरसता, ग्राम विकास, गौ संवर्धन, प्राचीन वसुधैव कुटुम्बकं और भारतीय भाषाओं के प्रयोग पर जानकारी दी। वहीं भारद्वाज ने कहा कि मीडिया और समाजिक धारणा के चलते मुस्लिम
और ईसाई समुदाय के लोग आरएसएस से खौफ खाते हैं क्योंकि उन्होंने अपने मन में ऐसी धारणा बना ली है।
पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए डॉ भारद्वाज ने बताया कि वर्ष में एक बार मार्च के महीने में संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक होती है जिसमें राष्ट्रीय एवं सामाजिक महत्त्व के भिन्न भिन्न विषयों तथा देश भर में चल रहे संघ कार्य की विस्तार से चर्चा एवं समीक्षा की जाती है। इस बार अ. भा. प्र. स. में भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया गया । कि भाषा किसी भी व्यक्ति एवं समाज की पहचान का महत्वपूर्ण घटक एवं उसकी संस्कृति की सजीव संवाहिका होती है । अनेक भारतीय भाषाएँ व बोलियां आज लुप्त हो चुकी हैं एवं अनेक लुप्त होने की कगार पर हैं इसलिए भारतीय भाषाओं को राजकीय, सामाजिक एवं वैचारिक संरक्षण मिलना अति आवश्यक है। देशभर में प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में हो तथा आम बोलचाल की भाषा में अधिकाधिक मातृभाषा का प्रयोग हो

No comments :