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चंडीगढ़ सचिवालय मे पानी की टंकियों की जांच करने पंहुचे स्वास्थय मंत्री
के औचक सफाई निरीक्षण का असर फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में भी देखने को
मिला। अस्पताल प्रबन्धन उपर रखी पानी की टंकियों को साफ कराकर न केवल
दुरूस्त कर दिया, बल्कि कलोराजिंग भी की गई। लेकिन नगर निगम और दूसरे
विभागों ने इससे कोई सबक नहीं लिया। यहां वॉशरूम जहां गंदगी से अटे पाए गए,
वहीं कूढे के ढेर भी जगह-जगह दिखाई दिए।
स्वास्थय मंत्री द्वारा सफाई सप्ताह प्रदेश भर में चलाने की घोषणा और सचिवालय में पानी की टंकियों के निरीक्षण के बाद प्रदेश के सरकारी महकमों और स्वयं उनके विभाग से संबंधित अस्पतालों ने इससे कोई सबक लिया है या नहीं, इसका रियलटी चैक करने जब हम हमारी केमरा टीम फरीदाबाद के सरकारी अस्पताल पंहुची तो देखा अस्पताल के उपर रखी गई पानी की टंकियां बिलकुल साफ है और उनके कलोराजिंग भी किया हुआ है। टंकियों में दिखाई दे रहा साफ पानी बताने के लिए काफी है कि सरकारी अस्पतालों में जहां मरीज व उनके परिजन गंदा पानी पीने को मजबूर थे, अब विज का ही डर सही, कम से कम उन्हे साफ व स्वच्छ पानी तो मिलेगा। इस बारे में जब हमने अस्तपाल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. सुरेश कुमार से बात की तो उनका कहना था कि सप्ताह में कम से कम एक बार पानी की टंकियों की सफाई करायी जाती है।
स्वास्थय मंत्री द्वारा सफाई सप्ताह प्रदेश भर में चलाने की घोषणा और सचिवालय में पानी की टंकियों के निरीक्षण के बाद प्रदेश के सरकारी महकमों और स्वयं उनके विभाग से संबंधित अस्पतालों ने इससे कोई सबक लिया है या नहीं, इसका रियलटी चैक करने जब हम हमारी केमरा टीम फरीदाबाद के सरकारी अस्पताल पंहुची तो देखा अस्पताल के उपर रखी गई पानी की टंकियां बिलकुल साफ है और उनके कलोराजिंग भी किया हुआ है। टंकियों में दिखाई दे रहा साफ पानी बताने के लिए काफी है कि सरकारी अस्पतालों में जहां मरीज व उनके परिजन गंदा पानी पीने को मजबूर थे, अब विज का ही डर सही, कम से कम उन्हे साफ व स्वच्छ पानी तो मिलेगा। इस बारे में जब हमने अस्तपाल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. सुरेश कुमार से बात की तो उनका कहना था कि सप्ताह में कम से कम एक बार पानी की टंकियों की सफाई करायी जाती है।

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