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सैक्टरों में अवैध रूप से लगाये गये गेट बने परेशानी का सबब

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 16 May 2015 0 comments
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हरियााणा शहरी विकास प्राधिकरण हुडा द्वारा बसाये गये रिहायशी सैक्टरों में विभिन्न आरडब्ल्यू द्वारा अवैध रूप से लगाये गये गेटों के चलते न केवल शहर के प्रमुख मार्गों बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग व बाईपास पर भी यातायात का दबाब काफी हद तक बढ गया है। साथ ही इन अवैध गेटों का प्रतिकूल
प्रभाव हुडा द्वारा स्थापित मार्केटों और प्रॉपर्र्टी  व्यवसाय पर भी पड रहा है। यही नहीं इन गेटों के चलते भीषण गर्मी में दोपहर के समय स्कूलों से घर पहुंचने वाले बच्चों को भी काफी समय गर्मी में घूमना पडता है। हुड्डा प्रशासक का कहना है कि सैक्टरों में गेटों की जांच की जायेगी अगर अवैध रूप से लगाये गये गेट पाये जाते हैं तो कार्यवाही की जायेगी।
 शहर में लोंगों को आये दिन राष्ट्रीय राजमार्ग व बाईपास रोड पर घंटों जाम की समस्या से जूझना पडता है, लगातार राष्ट्रीय राजमार्ग व बाईपास पर यातायात का दबाब बढता ही जा रहा है, जिसका कारण रिहायशी सैक्टरों में विभिन्न आरडब्ल्यू द्वारा अवैध रूप से लगाये गये गेट भी हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा बसाये गये रिहायशी सैक्टरों में आरडब्ल्यू द्वारा अवैध रूप से गेट लगाये हुए हैं, हालांकि जब सैक्टरों की अलॉटमेंट हुई थी तो सैक्टरों में गुजरने वाली सडकों को आम रास्ता घोषित किया गया था, मगर कुछ आरडब्ल्यू द्वारा कमेटी से पास करवाकर सुरक्षा के लिये गेट लगवा दिये गये, लेकिन इन दिनों देखा जा रहा है कि लगभग फरीदाबाद में 70 प्रतिशत से ज्यादा रिहायशी सैक्टर बने हुए हैं जिनमें अधिकतर लोंगो ने बिना किसी अनुमति से गेट लगवा लिए  हैं, जबकि इन सैक्टरों में गेट की लगाने की इजाजत देने के लिए  एक कमेटी गठित है जिसके अध्यक्ष जिला उपायुक्त हैं, और उनके रिकार्ड की बात करें तो न मात्र की संख्या में उनसे सैक्टरों के लोंगों ने गेट लगाने की अनुमति ली है। यह रिकार्ड पता लगाने के बाद पता चलता है कि सैक्टरों में रहने वाले लोंगों ने किस तरह से आम रास्ते को निजी रास्ता बनाया हुआ है और गेट लगाकर आम लोंगो के आवागमन पर पाबंदी लगाई हुई है, जिसके कारण शहर में आवागमन करने वाले लोग अपने अपने गतंव्यों तक पहुंचने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग और बाईपास का प्रयोग करते हैं जिससे भारी संख्या में वाहन होने के कारण यातायात बाधित होता है। अगर सैक्टरों में लगे गेटों को हटाकर आम रास्ता बना दिया जाये तो दोपहिया और छोटे वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग का प्रयोग न करके शहर में से गुजरने वाले रास्तों का प्रयोग करेंगे जिससे लोंगो को भी जाम से निजात मिलेगी और राष्ट्रीय राजमार्ग व बाईपास से भी दबाब काफी हद तक कम हो जायेगा।
इतना ही नहीं आरडब्ल्यू द्वारा लगाये अवैध रूप से गेटों का प्रभाव हुडा द्वारा सैक्टरों में स्थापित मार्केटों पर भी पर रहा है, सैक्टरों में गेट बंद होने के कारण लोंगो का अवागमन नहीं होता और इसलिये लोग सैक्टरों की मार्केटों में ना जा कर शहर के बडे-बडे बाजारों का प्रयोग करते हैं, जिससे ये माना जा सकता है कि हुडा मार्केटों का उपयोग मात्र मार्केट के आसपास रहने वाले लोग ही कर रहे हैं जिससे मार्केटों के व्ययापार पर भी खासा असर देखने को मिल रहा है।

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