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वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा
विश्वविद्यालय में कार्यरत सभी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए
पर्यावरण जागरूकता एवं ठोस कचरा प्रबंधन विषय पर सेमिनार का आयोजन किया
गया।
विश्वविद्यालय
के उपमंडल अभियंता कार्यालय द्वारा आयोजित इस सेमिनार का उद्देश्य सफाई
कार्याें में लगे कर्मचारियों को ठोस कचरा प्रबंधन व उपचार तथा पर्यावरण
प्रदूषण से होनी वाले दुष्प्रभावों के प्रति अवगत करवाना था। विश्वविद्यालय
के कुलपति डॉ संदीप ग्रोवर तथा कुल सचिव डॉ तिलक राज ने कर्मचारियों के
लिए पर्यावरण जागरूकता पर सेमिनार आयोजित करने के लिए उपमंडल अभियंता
कार्यालय की सराहना की है।
सेमिनार
को मानविकी एवं विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ रेणुका गुप्ता ने
संबोधित किया तथा कर्मचारियों को खुले में कचरा जलाने से पड़ने वाले
दुष्परिणामों की जानकारी दी। उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि किसी प्रकार
रोजमर्रा के कचरे का सही प्रबंधन व उपचार करके पर्यावरण को प्रदूषित होने
से बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पेड़ की पत्तियांे एवं अन्य गलनशील
कचरे का निपटान खाद बनाकर किया जा सकता है जबकि प्लास्टिक एवं ऐसी अन्य न
गलने वाली वस्तुओं को सामान्य कचरे से अलग रखा जाये ताकि ऐसे कचरे का ठीक
से प्रबंधन एवं निपटान किया जा सके। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय हरित
न्यायाधिकरण (एनजीटी) कानून, 2010 के अंतर्गत प्रावधानांे के बारे मंे भी
जानकारी दी।

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