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वर्षो से विकास की बाट जोहता गाँव गोंछी

Posted by : pramod goyal on : Wednesday, 6 May 2015 0 comments
pramod goyal
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एनआईटी फरीदाबाद विधानसभा में आने वाले सैकड़ो साल पुराने गाँव गोंछी ने अबतक कई सरकारे बदलती देखी है लेकिन यदि  कुछ नहीं बदला है तो वह है इस गाँव का अपना पुराना चेहरा इस गाँव में जो हाल वर्षो पहले था वही हाल आज भी है । चारो तरफ गंदगी के बीच विकास के लिए सिसकता यह गाँव हर बार सरकार बदलने पर अपने विकास के लिए तरसता है लेकिन  सत्ता में कोई भी सरकार हो किसी ने इसकी और ध्यान नहीं दिया । 
 एनआईटी फरीदाबाद विधानसभा में आने वाले सैकड़ो  साल पुराने गाँव गोंछी का दृश्य देख कर साफ़ अंदाजा लगाया जा सकता है की इस गाँव में अबतक कितना विकास हुआ है. इस गाँव ने अपनी आँखों से अबतक कई सरकार बदलती देखी है लेकिन हर बार की तरह कोई न कोई नेता  आता है और विकास  कराने के नाम पर वोट बटोर कर चला जाता है फिर पीछे मुड  कर कभी  नहीं देखता। इस बार भी हरियाणा व्  केंद्र में  सरकार बदली बीजेपी सरकार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई और प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी ने सरकार सँभालते ही स्वच्छ भारत अभियान चलाया  जिससे इसके बाद इस गाँव में विकास की  उम्मीदे जागी लेकिन भले ही पुरे देश में स्वच्छ भारत अभियान का असर देखने को मिला हो लेकिन इस गाँव में न तो उस अभियान की झलक दिखाई दी और न ही इस गाँव की दसा  बदली ।
 आज भी वही टूटी ,फूटी  हुई नाली व् गलियां नालियों का गलियो में बहता हुआ पानी,ओवर फ्लो होते हए सीवर , गंदे पानी के बीच निकलते लोग अपने हांथो से नाली की गंदगी को साफ करते लोग इस नरक में जीनो को मजबूर है।  अखिर जाए तो कहाँ जाए ऐसा नहीं है की इन लोगो ने अपनी इस समस्या के बारे में किसी अधिकारी ,नेता व् अफसर के दरवाजे न खटखटाये हो और उन्हें इससे अवगत नही कराया हो यह लोग सभी को अपनी इस समस्या के बारे में बता  चुके है अफसरों को लिखित में दे चुके है यहाँ तक की नई  सरकार द्वारा चलाई गई मुख्यमंत्री की खिड़की पर भी इसकी शिकायत दे  चुके है लेकिन बावजूद इसके भी कोई भी इनकी सुनने को तैयार नहीं है। दूसरी और जो नजारा दिखाई दे  है वह नजारा है संविधान निर्माता और भारत रतन डॉक्टर भीम राव आंबेडकर के  पार्क का है जो इसी गाँव में बना है लेकिन यह पार्क भी अफसर साही और राजनीति का शिकार है।  इसे भी आप गौर से देख लीजिए इस पार्क में सिवाय गंदे गटर के पानी और चारो तरफ फैली गंदगी के और कुछ नहीं दिखाई देगा जबकि हाल ही में 14  अप्रेल को बाबा साहब की अम्बेडकर जयंती थी बावजूद इसके किसी नेता और अधिकारी ने इसकी और कोई भी ध्यान नहीं दिया तो इससे साफ़ अंदाजा लगाया जा सकता है की यह गाँव गोंछी विकास के मामले में कितना पिछड़ा हुआ है ।  


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