फरीदाबाद के गांव भाखरी स्थित प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण केंद्र को लेकर ग्रामीणों का विरोध रविवार को फिर तेज हो गया। सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण धरनास्थल पर पहुंचे और केंद्र की ओर जा रहे कचरे के डंपरों को रोक दिया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
एक दिन पहले शनिवार को धरना हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव हुआ था। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई थीं।
बता दें कि, शनिवार को नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर अनिल यादव ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन ग्रामीण कूड़ा निस्तारण केंद्र का विरोध खत्म करने को तैयार नहीं हुए।
इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे पुलिस ने धरनास्थल से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान विवाद बढ़ गया और ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। घटना में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
भाखरी और आसपास के गांवों के लोग यहां प्रस्तावित डंपिंग यार्ड के विरोध में 15 अक्टूबर से धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, नगर निगम ने 7 अक्टूबर को इस स्थान पर कूड़ा डालना शुरू किया था। इसके विरोध में प्रदर्शन शुरू किया गया। 16 अक्टूबर को पुलिस ने धरना दे रहे ग्रामीणों और स्थानीय पार्षद जगदीश फागना को हिरासत में लिया था। हालांकि, ग्रामीण अगले दिन फिर धरने पर बैठ गए।

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