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भगत सिंह के विचारों से प्रेरणा लेकर साम्राज्यवाद व साम्प्रदायिकता के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का निर्माण करें : सुरेन्द्र मलिक

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 1 October 2026 0 comments
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 फरीदाबाद, 1 अक्टूबर। 


सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कमेटी द्वारा “शहीद भगत सिंह के विचार और वर्तमान दौर में साम्राज्यवाद व साम्प्रदायिकता की चुनौती” विषय पर चिमनी बाई धर्मशाला में सेमिनार आयोजित किया गया। सेमीनार की अध्यक्षता जिला प्रधान करतार सिंह जागलान ने की। सेमिनार में सैकड़ों की संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी नेताओं, पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेते हुए भगत सिंह के विचारों को वर्तमान सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में प्रासंगिक बताया। सेमीनार में सीआईटीयू के राज्य उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह बतौर मुख्य वक्ता भाग लिया। सेमीनार में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, पूर्व कोषाध्यक्ष श्रीपाल सिंह भाटी,सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर, रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के उप प्रधान यूएम खान, जिला प्रधान लज्जा राम, नपाकसंघ के डिप्टी जरनल सेकेट्री सुनील चिंडालिया व हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष देसवाल आदि मौजूद थे।

सेमिनार का उद्घाटन करते हुए सीआईटीयू के राज्य उपाध्यक्ष सुरेन्द्र मलिक ने कहा कि आज देश के मेहनतकशों, मजदूरों और किसानों की व्यापक एकता कायम कर साम्राज्यवाद तथा साम्प्रदायिकता के खिलाफ निर्णायक संघर्ष को मजबूत करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साम्प्रदायिक विभाजन की राजनीति का सबसे अधिक नुकसान आम जनता और मेहनतकश वर्ग को उठाना पड़ता है। इसलिए मजदूरों, किसानों, कर्मचारियों और युवाओं को अपने साझा हितों के लिए एकजुट होकर निर्णायक संघर्ष करना होगा। उन्होंने भगत सिंह के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, धर्मनिरपेक्ष सोच और शोषणमुक्त समाज के सपने को जनआंदोलन का आधार बनाने का आह्वान किया।

अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने केन्द्र व राज्य सरकारों की कर्मचारी विरोधी नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए पुरानी पेंशन बहाली, कर्मचारियों के नियमितीकरण, निजीकरण पर रोक और आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में लगातार पद समाप्त किए जा रहे हैं और स्थायी काम ठेका, आउटसोर्स तथा अस्थायी कर्मचारियों से कराया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों के अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कर्मचारी आक्रोश रैली में बढ़-चढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह रैली कर्मचारियों की लंबित मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सरकार ठेका, आउटसोर्स और दैनिक वेतन की व्यवस्था समाप्त कर कर्मचारियों को नियमित करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं के कारण कर्मचारियों को कम वेतन, असुरक्षित रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, सभी रिक्त पदों को भरने और विभागों में स्थायी भर्ती करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 दिसंबर की रैली में हजारों कर्मचारी दिल्ली पहुंचकर अपनी एकजुट ताकत का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने सभी विभागों के कर्मचारियों से रैली की तैयारियों में जुटने और अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।


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