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सेक्टर-12, फरीदाबाद निवासी अधिवक्ता एवं समाजसेवी मोहन तिवारी ने 18 अक्टूबर को राष्ट्रीय महिला आयोग, दिल्ली राज्य महिला आयोग और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग को लिखित शिकायत भेजकर मामले में स्वतः संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच कराने तथा संबंधित समाचार संस्थान की जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
फरीदाबाद। लोकगायिका नेहा सिंह राठौर से संबंधित कथित भ्रामक खबर के मामले में अधिवक्ता एवं समाजसेवी मोहन तिवारी की शिकायत के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का ध्यान आकर्षित करते हुए मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने और 15 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
सेक्टर-12, फरीदाबाद निवासी मोहन तिवारी ने 18 अक्टूबर को राष्ट्रीय महिला आयोग, दिल्ली राज्य महिला आयोग और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग को लिखित
शिकायत भेजकर मामले में स्वतः संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच कराने तथा संबंधित समाचार संस्थान की जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
शिकायत में 17 अक्टूबर को एबीपी न्यूज़ के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नेहा सिंह राठौर को कथित सेक्स रैकेट और पुलिस छापेमारी से जोड़ने वाली खबर के प्रकाशन का उल्लेख किया गया था। मोहन तिवारी के अनुसार, खबर को लेकर विरोध सामने आने के बाद समाचार संस्थान ने स्पष्टीकरण और माफ़ी जारी की थी। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने और किसी प्रकार की लापरवाही या कानून के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई का अनुरोध किया था।
राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से संबंधित नियामक निकायों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर और मीडिया के स्व-नियामक संगठनों के माध्यम से लागू नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने 15 दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
अधिवक्ता मोहन तिवारी ने आयोग की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं की गरिमा और प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए मीडिया की जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

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