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फरीदाबाद, 20 अक्टूबर।
हरियाणा पावर रेगुलेटरी कमीशन ने 19 अक्टूबर को गुरुग्राम व नूंह की बिजली वितरण प्रणाली में एक निजी कंपनी को पैरलल लाइसेंस देने के आदेश जारी किए हैं। इसके खिलाफ बिजली कर्मियों और इंजीनियर्स ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संधर्ष मोर्चा के के आह्वान पर दशहरे का अवकाश होने के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी सर्कल आफिस में पहुंचे और पैरलल लाइसेंस देने के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद बिजली कर्मचारियों ने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, सीएम नायब सैनी और हरियाणा पावर रेगुलेटरी कमीशन के चेयरमैन मुकेश गर्ग के पुतलों के साथ सेक्टर 23 चौराहे तक जुलूस निकाला और पुतले दहन किए। प्रदर्शन में इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री भी पहुंचे और संबोधित किया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के सर्कल सचिव कृष्ण कुमार कालीरमन ने की और संचालन एचएसईबी वर्कर यूनियन मु. भिवानी के सर्कल सचिव लेखराज चौधरी ने किया। संयुक्त मोर्चा के वरिष्ठ नेता संदीप प्रताप भाटी,विनोद शर्मा, शब्बीर अहमद गनी, सुनील चौहान, मनोज जाखड़ ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पैरलल लाइसेंस देने के खिलाफ बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 22 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद पैरलल लाइसेंस के आदेशों को रद्द करने के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो 24 अक्टूबर को मोर्चा की बैठक आयोजित कर आंदोलन के अगले कदम की घोषणा कर दी जाएगी, जिसके लिए पूरी तरह सरकार जिम्मेदार होगी। प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश
कुमार शास्त्री भी पहुंचे और संबोधित किया। उन्होंने रेगुलेटरी कमीशन के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और हड़ताल का पुरजोर समर्थन किया।
इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा रेगुलेटरी कमीशन द्वारा बिजली कर्मचारियों, इंजीनियर्स उपभोक्ताओं, किसानों, सभी विपक्षी दलों और यहां तक कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के तर्कों के साथ किए विरोध के बावजूद एकतरफा तरीके से गुरुग्राम व नूंह में बिजली डिस्ट्रीब्यूशन में एक अनुभवहीन निजी हाथों को पैरलल लाइसेंस देने का आदेश दिया है। जिसका चौतरफा विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि डीएचबीवीएन के कुल रिवेन्यू का चालीस प्रतिशत से ज्यादा यहीं से प्राप्त होता है। यह क्षेत्र निजी हाथों में सौंपने से निगम को भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि डीएचबीवीएन ने मूलभूत ढांचा सुधार के लिए पिछले दिनों इस क्षेत्र में आरडीडीएस स्कीम के तहत पांच हजार करोड़ से अधिक निवेश किया है। जिसमें लाइन हानि घटकर करीब चार प्रतिशत और रिवेन्यू रियलाइजेशन शत प्रतिशत है। इसके बावजूद इसका निजीकरण क्यों किया जा रहा है ?
प्रदर्शन में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संधर्ष मोर्चा के सदस्य आदित्य नंद तिवारी, सुनील चावला, उपेंद्र कुमार,वेद प्रकाश कर्दम, दिनेश शर्मा सोनू गोला, सुरेन्द्र कौशिक, मुकेश शर्मा, प्रवेश बैंसला, असरफ खान, सुबोध सिंह,सत्यवान लोहचब , मुकेश धतीर, पूर्व सर्कल सचिव संतराम लांबा और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कमेटी के मुख्य संगठनकर्ता मुकेश बेनीवाल,ब्लाक प्रधान संजय अत्री व रिंकू बधेल आदि मौजूद थे।

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