//# Adsense Code Here #//
फरीदाबाद 24 सितंबर - नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति ने
निगम प्रशासन द्वारा 29 मई को कालोनी में तोड़े गए मकानों का मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर आज व्यक्तिगत तौर पर निगम कार्यालय में प्रतिवेदन जमा किए। यह जानकारी चैयरमेन बिजेंद्र और कन्वीनर वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने दी। इस मौके पर कमेटी की सदस्या देवकी देवी, शकुंतला, सदस्य नरेशकुमार , राकेश कुमार, रंगलाल, शारदा, और महेंद्र आदि भी उपस्थित रहे। संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि कल भी प्रतिवेदन जमा करे जाएंगे। क्योंकि 27 जुलाई को संघर्ष समिति ने जॉइंट कमिश्नर को 93 लोगों की सूची सौंपी थी। दो माह का समय व्यतीत होने को जा रहा है। लेकिन इस दस्तावेज पर कोई कार्रवाई निगम प्रशासन ने नहीं की। जबकि 24 जून को तत्कालीन कमिश्नर धीरेंद्र खड़घटा ने संघर्ष समिति के सदस्यों को विश्वास दिलाया था। कि जिन लोगों के मकान टूटे गए हैं। उनका पुनर्वास किया जायेगा। और उन्हें मुआवजा देने पर भी सहमति हुई थी। इसके साथ-साथ नेहरू कॉलोनी में जल आपूर्ति बहाल करने पर भी सिद्धांत रूप में समझौता हुआ था। लेकिन अभी तक वहां के निवासियों को पीने का पानी मुहैया नहीं हो रहा है। लोग टैंकरों से पानी खरीद कर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं। नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति की सदस्या देवकी, और शकुंतला ने बताया कि प्रशासन ने 29 मई की आधी रात को कॉलोनी में तोड़फोड़ की कार्यवाही की थी। तब पुलिस ने मकान मालिकों को सामान निकालने तक का समय भी नहीं दिया । निगम के बुलडोजरों और जेसीबी ने कुछ ही पलों में बेहद गरीब लोगों की गाड़ी कमाई से निर्मित मकानों को धराशाई कर दिया। सैकड़ो लोगों ने बारिश में भीग कर अपना समय बिताया है। अब सर्दी आने वाली है। लेकिन लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित नहीं हो रहा है।

No comments :