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फरीदाबाद: साइबर अपराधियों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हिमाद्री कौशिक के नेतृत्व में फरीदाबाद पुलिस के तीनों साइबर थानों की टीमों ने 05 सितम्बर से 11 सितंबर के बीच एक सप्ताह के दौरान प्रभावी कार्रवाई करते हुए 56 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान आरोपितों से ₹70,05,591 लाख की राशि बरामद की गई है, जबकि साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए ₹5,50,232 की राशि विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराई गई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि तीनों साइबर थानों की टीमों ने कुल 16 मामलों में 56 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें साइबर थाना एनआईटी के 04 मामले, साइबर थाना सेंट्रल के 05 व साइबर थाना बल्लभगढ के 07 मामले शामिल हैं। इसके अतिरिक्त साइबर पुलिस टीमों द्वारा 506 शिकायतों का निस्तारण किया गया है। यह कार्रवाई 05 सितम्बर से 11 सितंबर 2026 के बीच एक सप्ताह के दौरान की गई है।
गिरफ्तार आरोपितों में दिनेश, प्रियांशु, यतेन्द्र, सूरज, अर्जून, चंदन कुमार, विजय कुमार, मनोज कुमार, विशाल कुमार, ओमवीर सिंह, शेरसिंह, राजू, बोरसानिया संकेत
हितेशभरी, प्रमोद, अमित, राहुल, राजू, कुलदीप, नोयज रहीम, कुलदीप मीणा, देवेन्द्र कुमार, विशाल कपूर, सुमित, दीपक, सिद्धार्थ, रितिक, भीम सिंह, उमेश, गोलू, अमरजीत, आशीष, लोकेन्द्र, आकाश, दीपक, हर्ष, हेमंत, हिमांशु, शुभम, सुल्तान, अलतमस, आमीर, मोहित, गौतम, सोहेब, शेख दिलशाद, विशाल, शाहूर खान, सोहेल, अमित कुमार, अंकुल, सचिन, विमलेश, सतेन्द्र, कपिल, पियुष व विश्वास का नाम शामिल हैं।
हितेशभरी, प्रमोद, अमित, राहुल, राजू, कुलदीप, नोयज रहीम, कुलदीप मीणा, देवेन्द्र कुमार, विशाल कपूर, सुमित, दीपक, सिद्धार्थ, रितिक, भीम सिंह, उमेश, गोलू, अमरजीत, आशीष, लोकेन्द्र, आकाश, दीपक, हर्ष, हेमंत, हिमांशु, शुभम, सुल्तान, अलतमस, आमीर, मोहित, गौतम, सोहेब, शेख दिलशाद, विशाल, शाहूर खान, सोहेल, अमित कुमार, अंकुल, सचिन, विमलेश, सतेन्द्र, कपिल, पियुष व विश्वास का नाम शामिल हैं।
पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हिमाद्री कौशिक ने आमजन से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। अपनी बैंकिंग अथवा अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा किसी भी व्यक्ति को ओटीपी न बताएं। बैंक अथवा कोई भी अधिकृत संस्था फोन पर ग्राहकों से उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी नहीं मांगती।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई भी प्रावधान भारतीय कानून में नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन पर डराने या पैसे की मांग करने का प्रयास करता है तो सतर्क रहें और उसकी बातों में न आएं।
साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को बिना देरी किए तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा साइबर अपराध से संबंधित शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराई जा सकती है।

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