जाट-झोटा टिप्पणी से विवादों में आए बिजली निगम के निलंबित एसई गीतू राम तंवर ने सोमवार सुबह जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली। उनका शव डीएवी स्कूल के पास कार में मिला। पुलिस को मौके से चार पेज का कथित सुसाइड नोट मिला है। इसमें एक आईएएस अधिकारी, तीन एक्सईएन और तीन एसडीओ समे
त सात अधिकारियों के नाम लिखे हैं। नोट में अधिकारियों पर रंजिश रखने, मानसिक रूप से परेशान करने और उनके निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा, यह पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा। करीब तीन दशक से अधिक की सरकारी सेवा के बाद सोमवार को ही उनको सेवानिवृत्त होना था।
गीतू राम की बेटी नीति ने बताया कि गीतू राम सोमवार सुबह करीब सात बजे घर से निकले थे। कुछ देर बाद उन्होंने फोन किया और कहा कि वह अपनी आखिरी चिट्ठी देकर आते हैं। इसके बाद उनका फोन संपर्क से बाहर हो गया। करीब एक घंटे बाद वे उनकी तलाश करते हुए डीएवी स्कूल के पास पहुंचे तो उनकी कार मिली। कार में गीतू राम का शव पड़ा था। परिजनों के अनुसार उनके मुंह से झाग निकल रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को घटनास्थल से मिले चार पेज के सुसाइड नोट ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। उनकी बेटी ने बताया कि उनके पापा को रणबीर देशवाल, अश्वनी कौशिक, सतीश गोयत और प्रदीप कुमार परेशान कर रहे थे।

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