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विविभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुग्राम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल जी एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जी के साथ कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल सम्मिलित हुए।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल एवं हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के साथ सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले सभी निर्दोषों तथा विस्थापन और असहनीय पीड़ा झेलने वाले लाखों परिवारों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
श्री विपुल गोयल ने कहा कि विभाजन हमारे इतिहास का वह दर्दनाक अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। वर्ष 1947 में देश की आजादी के साथ विभाजन की ऐसी त्रासदी सामने आई, जिसमें लाखों परिवारों को अपना घर, अपनी जमीन और अपनों को छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। असंख्य लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया और महिलाओं तथा बच्चों ने ऐसी पीड़ा सही, जिसे शब्दों में व्यक्त करना भी कठिन है।
उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपना साहस और आत्मबल नहीं खोया। खाली हाथ नई जगह पहुंचे इन परिवारों ने अपनी मेहनत, संघर्ष और संकल्प के बल पर न केवल अपने जीवन को दोबारा खड़ा किया, बल्कि देश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। व्यापार, उद्योग, कृषि, शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र में इन परिवारों की उपलब्धियां उनके अदम्य साहस और परिश्रम की मिसाल हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती ने भी विभाजन के बाद बड़ी संख्या में विस्थापित परिवारों को अपनाया। इन परिवारों ने हरियाणा को अपना घर बनाया और अपनी मेहनत एवं उद्यमशीलता से प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज हरियाणा की पहचान मेहनत, सामर्थ्य और उद्यमशीलता के लिए होती है, जिसमें इन परिवारों का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
श्री विपुल गोयल ने कहा कि विभाजन की त्रासदी हमें यह सीख देती है कि नफरत और फूट का परिणाम हमेशा विनाशकारी होता है, जबकि एकता, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द ही किसी राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं। हमें अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों को इतिहास की इस त्रासदी से अवगत कराना चाहिए, ताकि वे इसके दर्द को समझें और समाज में प्रेम, भाईचारे तथा आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि आज का भारत इतिहास से सीख लेकर भविष्य का निर्माण कर रहा है। हमारी सबसे बड़ी शक्ति हमारी एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और विविधता में निहित है। जब देश एकजुट होकर आगे बढ़ता है, तो कोई भी चुनौती उसकी प्रगति की राह को रोक नहीं सकती। आज भारत विकास, अवसर और संभावनाओं के एक नए दौर की ओर बढ़ रहा है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत की पीड़ा को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह हमें राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपने दायित्व का स्मरण भी कराता है। हमें संकल्प लेना चाहिए कि हर धर्म, हर वर्ग और हर समुदाय के बीच भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करेंगे तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए एक सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
श्री विपुल गोयल ने कहा कि विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले सभी निर्दोषों और उस असहनीय पीड़ा को सहने वाले परिवारों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके संघर्ष और बलिदान से प्रेरणा लेकर भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को और मजबूत करें।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारीगण, सांसदगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।


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