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फरीदाबाद 18 अगस्त भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी फरीदाबाद ने
नगर पालिका
कर्मचारी संघ हरियाणा की हड़ताल का समर्थन किया। पार्टी के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि नगर निगम फरीदाबाद के कर्मचारी यूनियन के आवाहन पर 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं। आज़ हड़ताल को 13 दिन हो गए हैं। लेकिन सरकार मागों को लागू नहीं कर रही है। कई दौर की वार्ता होने के बाद भी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के सवाल पर सरकार टाल मटोल की नीति अपना रही है। जबकि इस सरकार ने अपने कार्यकाल में नगर पालिकाओं और नगर निगमों में एक भी सफाई और सीवर के कर्मचारी की नियमित रूप से नियुक्ति नहीं किया। प्रदेश भर में सफाई का पूरा कार्य कच्चे कर्मचारियों से ही करवाया जाता है। लेकिन इस नियमित कार्य पर रेगुलर भर्ती नहीं की जा रही है। सफाई कर्मियों के पद खाली पड़े हुए हैं। उन पदों पर इन कर्मचारियों को नियमित किया जा सकता है। लेकिन सरकार इस कार्य को नहीं करके कर्मचारी वर्ग के साथ अन्याय कर रही है। यूनियन अपनी 18 सूत्री मांगों को लेकर पहले भी 1 मई से 14 मई तक हड़ताल कर चुकी है। सरकार और यूनियन के बीच 13 मई को समझौता वार्ता हुई थी। जिसमें सरकार ने सभी मागों को 30 जून तक पूरा किए जाने का आश्वाशन दिया था l अब सरकार वादा खिलाफी कर रही है। उन्होंने सरकार से कर्मचारी वर्ग की मांगों का शीघ्र समाधान करने की अपील की है।
कर्मचारी संघ हरियाणा की हड़ताल का समर्थन किया। पार्टी के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि नगर निगम फरीदाबाद के कर्मचारी यूनियन के आवाहन पर 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं। आज़ हड़ताल को 13 दिन हो गए हैं। लेकिन सरकार मागों को लागू नहीं कर रही है। कई दौर की वार्ता होने के बाद भी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के सवाल पर सरकार टाल मटोल की नीति अपना रही है। जबकि इस सरकार ने अपने कार्यकाल में नगर पालिकाओं और नगर निगमों में एक भी सफाई और सीवर के कर्मचारी की नियमित रूप से नियुक्ति नहीं किया। प्रदेश भर में सफाई का पूरा कार्य कच्चे कर्मचारियों से ही करवाया जाता है। लेकिन इस नियमित कार्य पर रेगुलर भर्ती नहीं की जा रही है। सफाई कर्मियों के पद खाली पड़े हुए हैं। उन पदों पर इन कर्मचारियों को नियमित किया जा सकता है। लेकिन सरकार इस कार्य को नहीं करके कर्मचारी वर्ग के साथ अन्याय कर रही है। यूनियन अपनी 18 सूत्री मांगों को लेकर पहले भी 1 मई से 14 मई तक हड़ताल कर चुकी है। सरकार और यूनियन के बीच 13 मई को समझौता वार्ता हुई थी। जिसमें सरकार ने सभी मागों को 30 जून तक पूरा किए जाने का आश्वाशन दिया था l अब सरकार वादा खिलाफी कर रही है। उन्होंने सरकार से कर्मचारी वर्ग की मांगों का शीघ्र समाधान करने की अपील की है।

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