फरीदाबाद। जिला बार एसोसिएशन, फरीदाबाद द्वारा अधिवक्ता कुणाल कांत शर्मा से जुड़े घटनाक्रम को लेकर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। बार प्रधान राजेश बैंसला एवं महासचिव टीका डागर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से दूरी बनाए रखी।
एडवोकेट एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने बताया कि अधिवक्ताओं में आक्रोश है और डीसीपी उषा कुंडू के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। उन्होंने कहा कि मामला अधिवक्ताओं की गरिमा और बार की संस्थागत प्रतिष्ठा से जुड़ा है।
एडवोकेट एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने बताया कि स्ट्राइक समाप्त कराने के लिए डीसीपी ट्रैफिक आईएस जयवीर राठी, एसीपी सराय संदीप मोर और एसीपी सेंट्रल राजीव कुमार ने बार नेतृत्व से बातचीत कर निर्णय समाप्त करने का अनुरोध किया, लेकिन सहमति नहीं बनी। बार प्रधान राजेश बैंसला एवं महासचिव टीका डागर ने स्पष्ट किया कि आगे का निर्णय बार के सामूहिक फैसले के अनुसार ही लिया जाएगा।
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता जे.पी.आधाना, पवन पराशर, ओम दत्त शर्मा, नरेंद्र शर्मा, जे.पी. भाटी, राजेश भाटी, प्रेम दत्त भारद्वाज, अधिवक्त एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी, कुणाल कांत शर्मा, बिजेंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।


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