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पैरेलल लाईसेंस व एग्री डिस्कॉम के खिलाफ हजारों बिजली कर्मियों ने डीसी आफिस पर किया प्रदर्शन

Posted by : pramod goyal on : Wednesday, 29 July 2026 0 comments
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 फरीदाबाद,29 जुलाई।


हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संधर्ष मोर्चा के राज्यव्यापी आह्वान पर बुधवार को हजारों बिजली कर्मचारियों और इंजीनियर्स ने नूंह व गुरुग्राम में पैरेलल लाईसेंस देने,15 अगस्त से कृषि क्षेत्र के लिए अलग से एग्रीकल्चर बिजली वितरण निगम बनाने और स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ डीसी आफिस जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद डीसी की गैरमौजूदगी में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन नायब  तहसीलदार को अभिमन्यु को सौंपा। ज्ञापन में निजीकरण के उठाए गए सभी कदमों को वापस लेने, निगमों में कई कई वर्षों में कार्यरत ठेका कर्मियों को जॉब सिक्योरिटी देने की बजाय रेगुलर करने,पांच हजार रुपए रिस्क अलाउंस देने,एक्स ग्रेसिया रोजगार स्कीम में लगाई गई अनावश्यक शर्तों को हटाना आदि मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए 11 अगस्त से तीन दिवसीय हड़ताल करने का ऐलान किया गया। प्रदर्शन में चेतावनी दी कि अगर हड़ताल के बाद भी एग्री डिस्कॉम को अलग किया तो हड़ताल बिना किसी अन्य नोटिस दिए हड़ताल को आगे बढ़ा दिया जाएगा। प्रदर्शन से पूर्व सेक्टर 15 सामूदायिक केंद्र में बिजली कर्मियों और इंजीनियर्स की आम सभा का आयोजन किया गया। आम सभा की जिसकी अध्यक्षता हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के सदस्य युगांग जैन, एएचपीसी वर्कर यूनियन के सर्कल सचिव राम चरण पुष्कर व एचएसईबी वर्कर यूनियन के सर्कल सचिव धर्मेंद्र सिंह ने की और संचालन एचएसईबी वर्कर यूनियन के सर्कल सचिव लेखराज व एएचपीसी वर्कर यूनियन के सर्कल सचिव कृष्ण कुमार ने संयुक्त रूप से किया। इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा, एचएसईबी वर्कर यूनियन के मुख्य संगठनकर्ता विनोद शर्मा,ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पैरलल लाइसेंस, एग्री डिस्कॉम व स्मार्ट मीटरिंग निजीकरण के पैकेज का हिस्सा है। जिसको किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त से शुरू हो रही एग्रीकल्चर डिस्कॉम 5427 करोड़ की बकाया देनदारियों के साथ शुरू होगी। कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ेंगे और किसान की सब्सिडी खत्म होने से रेट बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि पैरेलल लाईसेंस देने की किसी भी बिजली के हितधारकों की नही है।यह एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।  उन्होंने सभी कर्मचारियों और उपभोक्ताओं से निजीकरण के खिलाफ होने वाले आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

प्रदर्शन में निम्न पदाधिकारियों ने भाग लिया 

प्रदर्शन में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संधर्ष मोर्चा के वरिष्ठ पदाधिकारी संजय मंगला, उर्मिला ग्रेवाल ,शब्बीर अहमद गनी, विनोद शर्मा, करतार सिंह जागलान सुनील चौहान,मनोज जाखड़, परवीन कुमार, डालचंद शर्मा, संतराम लांबा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रधान नवल सिंह नरवत, लज्जा राम के अलावा तीनों संगठनों के यूनिट कमेटियों के पदाधिकारी भूप सिंह कौशिक, सोनू गोला, रामकेश सारण, सुरेंद्र शर्मा, मुकेश शर्मा, दिनेश शर्मा एवं रविदत्त शर्मा सहित आदि ने संबोधित किया।
आंदोलन के चरण निम्न प्रकार है:-

हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा के नेता संजय मंगला, विनोद शर्मा व शब्बीर अहमद गनी ने बताया कि प्रदेश के बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स कर्मियों की मांगों के प्रति नकारात्मक रवैए और निजीकरण की मुहिम के खिलाफ 11 से 13 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे। उन्होंने बताया कि इसके बाद तीन से पांच अगस्त तक सभी डिवीजनों में प्रदर्शन किए जाएंगे। इन प्रदर्शनों में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं उपभोक्ता संधर्ष मंच के उपभोक्ताओं व संयुक्त किसान मोर्चा व‌ ट्रेड यूनियनों को भी शामिल किया जाएगा। आंदोलन के अगले चरण में 6 से 8 अगस्त तक प्रदेश की सभी सब डिवीजनों में प्रदर्शन किए जाएंगे और सरकार द्वारा निजीकरण के उठाए जा रहे कदमों से आम उपभोक्ताओं व किसान पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी देने के लिए आम जनता के बीच जाकर सभाएं आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि दस अगस्त को संयुक्त किसान मोर्चा व केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित प्रदर्शनों के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए इनमें भागेदारी करने का फैसला किया है। इसके बाद 11 अगस्त से बिजली कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि अगर सरकार और मेनेजमेंट ने कोई किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्यवाही करने का प्रयास किया तो उसी अनुसार माकूल जवाब दिया जाएगा।

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