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फरीदाबाद! समाजसेवी हरीश चन्द्र आज़ाद ने कहा कि जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी को घसीट घसीट कर बर्बता की गई ये किसी भी लोकतंत्र के लिए सही बात नहीँ हैं. ज्ञात रहें संसद में नेता प्रतिपक्ष की हैसियत प्रधानमंत्री के बराबर होती हैं इसलिए इस पद की अपनी गरिमा होती हैं और इस गरिमा की मर्यादा को कभी पार नहीँ करना चाहिए. इसके लिए केंद्र सरकार को माफ़ी मांगनी चाहिए. लोकतंत्र को मज़बूत करना सरकार की ज़िमेवारी हैं.
आज़ाद ने कहा कि जंतर मन्त्र पर देश के भविष्य पर पुलिस द्वारा लाठियाँ चलाना और आंसू गैस के गोले छोड़ना भी सरासर गलत हैं. सरकार अपने मंत्री को बचाने के लिए देश को क्रांति की और धकेल रही हैं जो सरासर गलत हैं. आज देश किस और जा रहा हैं, जब से बीजेपी सरकार आई हैं देश के किसानों ने देश का
सबसे लम्बा आंदोलन किया और आज देश का भविष्य बच्चे सड़को पर उत्तर आये हैं और देश क्रांति की और जा रहा हैं ऐसे हालत देश में कभी नहीँ आये. बीजेपी सरकार आने के बाद देश में ऐसे हालात हो गए हैं कि कहीं भी चार लोग बैठते हैं तो राजनीति की बातें ही होती हैं और बीजेपी के सिवाय किसी और पार्टी के विचारधारा वाले लोगों को मुसलमान कहा जाता हैं,इन हालातों की ज़िम्मेवार पूरी तरह बीजेपी सरकार हैं उनको ऐसे हालत को रोकने के लिए विपक्ष के साथ बात करके इसका हाल निकालना चाहिए ना की नेता प्रतिपक्ष को घसीट कर अंदर करके हालात को और ख़राब करना चाहिए.
हरीश आज़ाद ने कहा कुछ हालात हिटलरशाही से नहीँ चाणक्य नीति से सुधारे जाते हैं लेकिन बीजेपी सरकार सिर्फ और सिर्फ हिटलरशाही पर भरोसा करती हैं जो कि देश के लिए अच्छे नहीँ हैं. सरकार से हम अपील करते हैं कि देश को क्रांति पर धकेलने की बजाये देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने पर काम करें. इसके लिए तुरंत शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को मंत्री पद से हटाएँ ताकि बच्चों का गुस्सा शांत हो और देश में हालात सुधरें. उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र की मज़बूती के लिए देश की जनता को भी पार्टिवाद भुलाकर देश में भाईचारे को मज़बूत बनायें.

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